पटना: पटना में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के नाम का दुरुपयोग कर जेल प्रशासन पर दबाव बनाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में अरवल जिले के मेहंदिया निवासी नीरज को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर केंद्रीय मंत्री का पर्सनल असिस्टेंट (PA) बनकर जेल आईजी को फोन करने और एक बंदी को दूसरी जेल में स्थानांतरित कराने की सिफारिश करने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, नीरज ने कुछ दिन पहले जेल आईजी को फोन कर खुद को केंद्रीय मंत्री का PA बताया। उसने बातचीत के दौरान एक कैदी को दूसरी जेल में शिफ्ट करने की मांग की और मंत्री का नाम लेकर अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश की। अधिकारियों को बातचीत पर संदेह हुआ, जिसके बाद मामले की जांच शुरू की गई।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अपने रिश्तेदार भरत सिंह के लिए फोन किया था। भरत सिंह जमीन विवाद के एक मामले में गिरफ्तार होकर पहले बेऊर जेल में बंद थे, लेकिन करीब छह महीने पहले उन्हें भागलपुर जेल स्थानांतरित कर दिया गया था। आरोपी उन्हें दोबारा बेऊर जेल भिजवाना चाहता था।
आरोपी ने पूछताछ में यह भी दावा किया कि वर्ष 2024 में वह एक-दो महीने तक केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के साथ जुड़ा रहा था। पुलिस अब इस दावे की भी जांच कर रही है कि वह वास्तव में मंत्री के स्टाफ से जुड़ा था या नहीं।
फिलहाल जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि आरोपी ने मंत्री के नाम का इस्तेमाल केवल इसी मामले में किया या पहले भी किसी अधिकारी या व्यक्ति को इसी तरह झांसा देने की कोशिश की थी। पुलिस उसके खिलाफ प्रतिरूपण (इम्पर्सोनेशन), धोखाधड़ी समेत अन्य संबंधित धाराओं में जांच आगे बढ़ा रही है। आरोपी को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।






