किशनगंज, 25 सितंबर । जिले के दिघलबैंक थाना क्षेत्र स्थित तुलसिया हॉल्ट रेलवे स्टेशन पर युवती को घेरकर मारपीट और डांट-फटकार करने का पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद किशनगंज पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस ने मामले में अब तक पांच युवकों की पहचान की है और उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की जा रही है।
चार-पांच महीने पुराना है वायरल वीडियो
किशनगंज पुलिस की ओर से शुक्रवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पुलिस अधीक्षक के व्हाट्सएप पर 24/25 सितंबर की देर रात करीब 12:30 बजे वीडियो प्राप्त हुआ था। तकनीकी जांच में वीडियो करीब चार से पांच महीने पुराना और तुलसिया हॉल्ट का पाया गया।
वीडियो सामने आने के बाद एसआईटी का गठन किया गया और रात से ही आरोपितों की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी गई। पुलिस के अनुसार, वीडियो में करीब आठ से नौ युवक युवती को घेरे दिखाई दे रहे हैं। इनमें से चार-पांच युवक युवती के साथ डांट-फटकार और मारपीट करते नजर आ रहे हैं।
एसपी ने घटनास्थल का किया निरीक्षण
मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने पुलिस टीम के साथ घटनास्थल का भौतिक निरीक्षण किया। इसके बाद तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचना के आधार पर वीडियो में नजर आ रहे युवकों की पहचान का प्रयास शुरू किया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने पांच युवकों की पहचान अफसर उर्फ हती, जुबेर खान, मिजान उर्फ सलमान, कामिल और शहजाद के रूप में की है।
अलग-अलग राज्यों में आरोपितों की तलाश
पुलिस के अनुसार, अफसर गुजरात, जुबेर हरियाणा, मिजान उर्फ सलमान कर्नाटक और कामिल पंजाब में है। संबंधित स्थानों पर उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों की ओर से छापेमारी की जा रही है।
वहीं, शहजाद समेत अन्य संभावित आरोपितों की पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया भी जारी है।
पीड़िता का बयान दर्ज, दोस्त से मिलने गई थी युवती
पुलिस ने पीड़िता की पहचान कर उसका बयान दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने बताया कि वह अपने एक दोस्त से मिलने रेलवे स्टेशन गई थी। इसी दौरान आसपास मौजूद कुछ युवकों ने उसे देख लिया और उसके दोस्त को लेकर सवाल करने लगे। इसके बाद युवकों ने उसके साथ डांट-फटकार और मारपीट की।
पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पंचायत में विवाद सुलझाने का भी प्रयास
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि घटना के बाद स्थानीय स्तर पर मुखिया की मौजूदगी में पंचायत कर मामले को सुलझाने का प्रयास किया गया था। अब वीडियो सामने आने के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
एसडीपीओ-2 के नेतृत्व में गठित एसआईटी आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस घटना से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
अफवाह से बचने की पुलिस की अपील
पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने लोगों से मामले को लेकर किसी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। उन्होंने लोगों से भ्रामक या अपुष्ट जानकारी सोशल मीडिया पर प्रसारित नहीं करने को कहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।






