प्रयागराज/पटना, 28 सितंबर । लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने संविधान और आरक्षण के मुद्दे पर अपनी सहयोगी सरकार के प्रति सख्त रुख का संकेत दिया है। प्रयागराज में ‘यूथ बोले तो’ कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि यदि संविधान और आरक्षण के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश हुई तो वह एक मिनट में केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे।
‘आरक्षण के साथ खिलवाड़ हुआ तो इस्तीफा दे दूंगा’
चिराग पासवान ने कहा, “अगर संविधान और आरक्षण के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश हुई, तो मैं एक मिनट में केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दूंगा। मेरे पिता ने भी मंत्री पद छोड़ने से पहले एक मिनट के लिए सोचा नहीं था।”
उन्होंने कहा कि वह जिस गठबंधन का हिस्सा हैं, उसमें अपने लोगों के हक और अधिकारों की चिंता करना उनकी जिम्मेदारी है। चिराग के मुताबिक, यदि उन्हें लगा कि गठबंधन में उनके लोगों के साथ अन्याय हो रहा है या उनकी बात नहीं सुनी जा रही है, तो वह मंत्री पद छोड़ने में देर नहीं करेंगे।
उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ने का ऐलान
प्रयागराज में आयोजित ‘यूथ बोले तो’ कार्यक्रम में चिराग पासवान ने युवाओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) 2027 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ेगी। कार्यक्रम में उन्होंने युवाओं की शिक्षा, रोजगार और राजनीति में उनकी भागीदारी जैसे मुद्दों पर भी बात की।
बिहार की कानून-व्यवस्था पर भी सरकार को घेरा
इससे पहले बिहार में महिलाओं और बच्चियों से जुड़ी हालिया घटनाओं को लेकर चिराग पासवान ने अपनी ही गठबंधन सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि अपराध के बढ़ते मामलों को लेकर सरकार को समय रहते कार्रवाई करनी चाहिए।
चिराग पासवान ने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि वह ऐसी सरकार का समर्थन कर रहे हैं, जहां उनके अनुसार अपराध बेलगाम हो चुका है। उन्होंने पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए बिहार सरकार से कानून-व्यवस्था पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की।
रोहिणी आचार्य ने इस्तीफे को लेकर साधा निशाना
चिराग पासवान के कानून-व्यवस्था संबंधी बयान के बाद राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने उन पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में सवाल किया कि यदि उन्हें सरकार का हिस्सा होने पर शर्मिंदगी महसूस हो रही है तो वह इस्तीफा देने के लिए किस “शुभ मुहूर्त” का इंतजार कर रहे हैं।
रोहिणी आचार्य ने चिराग के बयान को “ड्रामा” बताते हुए आरोप लगाया कि केवल बयानों में दुख जताने और सरकार का हिस्सा बने रहने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने चिराग पासवान से इस्तीफा देने को लेकर सवाल किया।
गठबंधन के भीतर बयानबाजी से बढ़ी राजनीतिक हलचल
चिराग पासवान के संविधान, आरक्षण और बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर दिए गए बयानों के बाद राजनीतिक हलचल तेज हुई है। एक ओर उन्होंने गठबंधन में रहते हुए अपने मुद्दों पर मुखर रहने और जरूरत पड़ने पर मंत्री पद छोड़ने की बात कही है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी नेताओं ने उनके बयानों को लेकर उन पर राजनीतिक दबाव बनाया है।






