तेल अवीव: शनिवार देर शाम दक्षिणी इजरायल में ईरान के मिसाइल हमलों के चलते अफरा-तफरी मच गई है। ईरान ने इजरायल की प्रमुख न्यूक्लियल सुविधा के पास मौजूद शहरों डिमोना और अराद को मिसाइल से निशाना बनाया है, जिसमें 150 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इस हमले के बाद प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इसे देश के लिए एक मुश्किल शाम बताया। अब ऐसे कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिसमें मिसाइल रिहायशी इलाके में हमला करते कैद हुई है।
इजरायल का परमाणु शहर
डिमोना शहर में भारतीय समुदाय की बड़ी आबादी रहती है, जिसके चलते इसे लिटिल इंडिया के नाम से भी जाना जाता है। यहीं पर शिमोन पेरेस नेगेव न्यूक्लियर सेंटर है, जिसे डिमोना रिएक्टर के नाम से जाना जाता है। यह इजरायल की प्रमुख न्यूक्लियर सुविधा है, जो डिमोना शहर से 13 किमी बाहर है।
डिमोना पर हमले में 47 लोग घायल
इजरायली मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि डिमोना में मिसाइल हमले में कम से कम 47 लोग घायल हुए हैं। यहां एक भारी वॉरहेड वाली ईरानी मिसाइल एक इमारतों के बीच जा गिरी। इससे आस-पास के घरों को भारी नुकसान पहुंचा और लोगों में दहशत फैल गई। घायलों में एक 12 साल का लड़का भी है, जिसकी हालत छर्रे लगने के बाद गंभीर बनी हुई है।
परमाणु शहर डिमोना पर मिसाइल हमले ने इजरायल की महाशक्तिशाली कहे जाने वाली मिसाइल डिफेंस सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इजरायल ने ईरानी मिसाइलों को रोकने के लिए इंटरसेप्टर लॉन्च किए थे, लेकिन वे दुश्मन के हथियार को हिट करने को में नाकाम रहे। इजरायली सेना ने कहा है कि वह मिसाइल डिफेंस के नाकाम होने की जांच कर रहा है।

इजरायल में ‘लिटिल इंडिया’
समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, डिमोना को लंबे समय से लिटिल इंडिया नाम से जाना जाता रहा है। यहां भारतीय-यहूदी समुदाय की एक मजबूत उपस्थिति है। इनमें से कई लोग अपनी जड़ें महाराष्ट्र से जोड़ते हैं। इस शहर की सड़कों पर भारतीय दुकानें कतार में लगी हैं। यहां बड़ी संख्या में लोग मराठी भाषा बोलते हैं और भारत के साथ सांस्कृतिक संबंध साफ दिखाई देते हैं।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे बहुत मुश्किल शाम बताया और कहा कि उन्होंने अराद मेयर से बात की है और प्रभावित लोगों को सरकार की तरफ से पूरा सहयोग आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि हम सभी मोर्चे पर अपने दुश्मनों पर हमले जारी रखने के लिए दृढ़ हैं। इजरायल के विदेश मंत्रालय ने ईरान पर जानबूझकर नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। वहीं, ईरान ने कहा है कि इजरायल का आसमान पूरी तरह रक्षाविहीन हो गया है।





