पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि रियल एस्टेट क्षेत्र में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के साथ-साथ घर खरीदारों के हितों और अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
रेरा की कार्यप्रणाली को बनाने पर जोर सरल और पारदर्शी
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि रेरा की प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि रियल एस्टेट परियोजनाओं से जुड़ी प्रक्रियाओं में अनावश्यक विलंब समाप्त किया जाए, ताकि प्रमोटर्स और डेवलपर्स को नियमानुसार कार्य करने में सुविधा मिल सके।
डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने रेरा की कार्यप्रणाली को राज्य सरकार के डैशबोर्ड और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे लंबित मामलों, उनके निष्पादन और अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों की प्रभावी मॉनिटरिंग संभव होगी तथा व्यवस्था अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी।
घर खरीदारों के हित सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि रियल एस्टेट क्षेत्र में सुधार का सबसे महत्वपूर्ण पहलू घर खरीदारों के हितों और अधिकारों की सुरक्षा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घर खरीदारों से संबंधित शिकायतों और मामलों के निष्पादन में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए।
पारदर्शी व्यवस्था से बढ़ेगा निवेशकों का भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी और जवाबदेह नियामक व्यवस्था से घर खरीदारों का विश्वास मजबूत होगा। इसके साथ ही रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश और कारोबार के लिए बेहतर माहौल तैयार होगा, जिससे राज्य में आवासीय परियोजनाओं के विकास को भी गति मिलेगी।






