रांची, 01 अगस्त। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में अभ्यर्थियों का आंदोलन शनिवार को आठवें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारी छात्रों ने अब राजनीतिक दलों से दूरी बनाने का फैसला किया है और साफ कर दिया है कि यह प्रदर्शन पूरी तरह छात्र हितों से जुड़ा है।
राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर हुआ था विवाद
शुक्रवार को धरना स्थल पर कुछ छात्र नेताओं और राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के मंच साझा करने को लेकर विवाद हो गया था। इस दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों और नेताओं के बीच तीखी बहस भी हुई।
इसके बाद छात्रों ने निर्णय लिया कि आंदोलन के मंच पर किसी राजनीतिक दल या नेता को संबोधन की अनुमति नहीं दी जाएगी। छात्रों का कहना है कि वे अपने मुद्दों को किसी राजनीतिक रंग से दूर रखना चाहते हैं।
बदला धरना स्थल, अनुमति का इंतजार
विवाद के बाद अधिकांश अभ्यर्थियों ने पुराना धरना स्थल छोड़कर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम के दूसरे गेट के पास नया धरना स्थल बना लिया है। हालांकि, प्रशासन की ओर से वहां टेंट लगाने की अनुमति नहीं दी गई है।
प्रशासन का कहना है कि नए स्थान के लिए अभी आधिकारिक अनुमति जारी नहीं हुई है, इसलिए अस्थायी ढांचा लगाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
अनुमति नहीं मिलने के कारण छात्र फिलहाल दरी बिछाकर तेज धूप में ही धरना दे रहे हैं। इसके बावजूद आंदोलन लगातार जारी है।
छात्रों ने कहा- आंदोलन का संचालन हमारे हाथ में रहेगा
आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि उन्हें किसी राजनीतिक दल या नेता से आर्थिक सहायता की जरूरत नहीं है। यदि कोई नैतिक समर्थन देना चाहता है तो उसका स्वागत है, लेकिन आंदोलन का नेतृत्व और मंच पूरी तरह छात्रों के हाथ में रहेगा।
छात्रों का कहना है कि उनका उद्देश्य जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाना है, न कि इसे किसी राजनीतिक दल का आंदोलन बनाना।
सहयोग से हो रही भोजन की व्यवस्था
धरना स्थल पर भोजन की व्यवस्था भी छात्र स्वयं कर रहे हैं। अभ्यर्थी आपस में सहयोग राशि जुटाकर भोजन का प्रबंध कर रहे हैं। वहीं आंदोलन का समर्थन करने वाले कुछ लोग ऑनलाइन माध्यम से भोजन और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध करा रहे हैं।
प्रशासन द्वारा धरना स्थल पर भोजन बनाने की अनुमति नहीं दिए जाने के कारण छात्र इसी व्यवस्था के जरिए आंदोलन जारी रखे हुए हैं।
पुराने स्थल पर कम हुए प्रदर्शनकारी
इधर, पुराने धरना स्थल पर अब कुछ ही लोग मौजूद हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों का दावा है कि वहां मौजूद कई लोग राजनीतिक दलों से जुड़े हुए हैं।
वहीं खुद को गैर-राजनीतिक छात्र आंदोलन का हिस्सा बताने वाले अधिकांश अभ्यर्थी नए स्थान पर एकजुट होकर जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखे हुए हैं।






