रांची: ICFAI University Jharkhand का 6वां दीक्षांत समारोह मंगलवार को शौर्य सभागार, रांची में धूमधाम से आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता झारखंड के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के विज़िटर Santosh Kumar Gangwar ने की।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक वर्ष 2025 में उत्तीर्ण छात्रों को कुल 292 डिग्रियां प्रदान कीं, जिनमें 8 पीएचडी उपाधियां शामिल हैं। साथ ही विभिन्न पाठ्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को 10 स्वर्ण पदक और 10 रजत पदक भी दिए गए।
कार्यक्रम की शुरुआत में कुलपति कर्नल डॉ. रणजीत सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और अनुसंधान के क्षेत्र में छात्रों को सक्षम बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संस्थान का उद्देश्य छात्रों को केवल नौकरी पाने योग्य नहीं, बल्कि रोजगार सृजक बनाना है।
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कुलाधिपति प्रो. (डॉ.) टी.आर.के. राव ने छात्रों को जिम्मेदार नागरिक बनने और समाज में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि डिग्री प्राप्त करना शिक्षा का अंत नहीं, बल्कि जीवन की नई शुरुआत है। उन्होंने आधुनिक युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा इंटेलिजेंस की बढ़ती भूमिका पर भी प्रकाश डाला और छात्रों को कौशल विकास तथा उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य अतिथि राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने अपने संबोधन में कहा कि दीक्षांत समारोह छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए गर्व का अवसर है। उन्होंने छात्रों को उनकी कड़ी मेहनत के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह दिन उनके जीवन के एक नए चरण की शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने छात्रों को सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. (डॉ.) जे.बी. पटनायक ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर कई शिक्षाविद, गणमान्य अतिथि और सरकारी अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल आयोजन संयोजक प्रो. सुमित कुमार सिन्हा के नेतृत्व में किया गया।





