अक्षय तृतीया पर बन रहा शुभ संयोग, जानें क्या करें और क्या न करें

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आज मनाई जा रही है अक्षय तृतीया, दान-पुण्य और नए कार्यों की शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है तिथि

धर्म डेस्क: अक्षय तृतीया हिंदू और जैन परंपराओं में अत्यंत शुभ और फलदायी तिथि मानी जाती है। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को आने वाला यह पर्व इस वर्ष 19 अप्रैल को मनाया जा रहा है। “अक्षय” का अर्थ है—जो कभी समाप्त न हो, इसलिए इस दिन किए गए शुभ कार्यों का फल अनंत और बढ़ने वाला माना जाता है।

पौराणिक और आध्यात्मिक महत्व
मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु के अवतार परशुराम का जन्म हुआ था, इसलिए इसे परशुराम जयंती के रूप में भी मनाया जाता है।
कथाओं के अनुसार द्रौपदी को भगवान कृष्ण ने इसी दिन अक्षय पात्र प्रदान किया था, जिससे भोजन कभी समाप्त नहीं होता था। वहीं वेद व्यास द्वारा महाभारत की रचना की शुरुआत भी इसी दिन मानी जाती है।

इस दिन सोना और अन्य कीमती वस्तुएं खरीदना भी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन खरीदी गई वस्तुएं घर में समृद्धि और सुख लाती हैं। खास बात यह है कि इस दिन किसी भी शुभ कार्य के लिए अलग से मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती।

अक्षय तृतीया पर क्या करें?

दान-पुण्य करें
जरूरतमंदों को अनाज, जल और वस्त्र दान करना बेहद पुण्यकारी माना जाता है।

पूजा और व्रत रखें
श्रद्धा के साथ पूजा-पाठ करें और अपनी क्षमता अनुसार व्रत रखें।

नए कार्य की शुरुआत करें
व्यापार, निवेश या किसी नए कार्य की शुरुआत इस दिन करना शुभ होता है।

मांगलिक कार्य करें
शादी-विवाह, गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य बिना विशेष मुहूर्त के भी किए जा सकते हैं।

क्या न करें?

क्रोध और विवाद से बचें
इस दिन नकारात्मक भावनाओं से दूर रहना चाहिए।

अपमान या गलत व्यवहार न करें
किसी का अपमान करने से पुण्य फल में बाधा आती है।

अशुभ कार्यों से दूर रहें
झूठ, छल या गलत कामों से बचना चाहिए।

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