रांची, 06 अगस्त। जेएसएससी और जेपीएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का सत्याग्रह और आमरण अनशन गुरुवार को 13वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन का दायरा बढ़ते हुए अब अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों तक भी पहुंच गया है, जिससे धरनास्थल पर छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
धरनास्थल पहुंचे जयराम महतो, दिया समर्थन
आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में विधायक जयराम महतो धरनास्थल पहुंचे। उन्होंने छात्रों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और राज्य सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि कई छात्र पिछले 13 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और अन्न-जल का त्याग कर चुके हैं, लेकिन सरकार अब तक उनकी मांगों को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही है। उन्होंने सरकार से जल्द वार्ता कर समाधान निकालने की अपील की।
“सरकार भेजे टीम, छात्रों से करे बातचीत”
जयराम महतो ने बताया कि उन्होंने कार्य मंत्रणा समिति और सर्वदलीय बैठक में भी सरकार से यह मांग उठाई है कि वह अपनी टीम भेजकर छात्रों से सीधी बातचीत करे।
उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगें जायज हैं और उनका समाधान निकालना सरकार की जिम्मेदारी है।
संघर्ष की कहानी सुनाकर बढ़ाया हौसला
विधायक ने छात्रों की कठिन परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि कई अभ्यर्थियों ने भारी संघर्ष के साथ पढ़ाई की है। पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने और भर्ती प्रक्रिया में देरी ने हजारों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है।
अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि विधायक बनने से पहले उन्होंने भी आर्थिक तंगी झेली है। एक आंदोलन में शामिल होने के लिए उन्हें कचौड़ी और किराए के 20 रुपये तक उधार लेने पड़े थे।
सदन में उठाएंगे सभी मांगें
जयराम महतो ने भरोसा दिलाया कि विधानसभा के मौजूदा सत्र में वह छात्रों की हर मांग को मजबूती से उठाएंगे।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि जब तक विधानसभा सत्र चलेगा, वह रोजाना सत्र समाप्त होने के बाद धरनास्थल पहुंचकर आमरण अनशन पर बैठे छात्रों से मुलाकात करेंगे और उनका मनोबल बढ़ाएंगे।






