रांची, 15 सितंबर । झारखंड हाईकोर्ट ने विज्ञापन संख्या 10/2023 के तहत JSSC-CGL सहित अन्य नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश पर लगी रोक को जारी रखा है। मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से जवाब दाखिल नहीं किया जा सका। सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा, लेकिन अदालत ने इससे इनकार करते हुए अधिकतम दो दिन का समय देने की बात कही।
नियुक्तियां रद्द करने के फैसले पर कोर्ट की कड़ी टिप्पणी
जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने नियुक्तियों को एक साथ रद्द किए जाने के सरकार के फैसले पर कड़ी टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि एक बार में सामूहिक रूप से नियुक्तियां रद्द करना उचित नहीं है। कोर्ट ने सरकार के इस फैसले को लेकर नाराजगी जताते हुए इसे बेहद अनुचित बताया।
सरकार ने मांगा चार सप्ताह का समय
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा गया। अदालत ने स्पष्ट किया कि सरकार को इतना समय नहीं दिया जाएगा और अधिकतम दो दिन में जवाब दाखिल करना होगा।
CID जांच की स्टेटस रिपोर्ट पर भी सुनवाई
वरीय अधिवक्ता राजीव रंजन ने अदालत में कहा कि सरकार CID जांच की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने की बात कहकर अपना शपथ पत्र दाखिल करने में देरी करना चाहती है। उन्होंने कहा कि CID का अनुसंधान और सरकार की ओर से दाखिल किया जाने वाला शपथ पत्र दोनों अलग-अलग विषय हैं। इसलिए जांच रिपोर्ट के नाम पर जवाब दाखिल करने में देरी नहीं की जानी चाहिए।
आज सीलबंद लिफाफे में दाखिल होगी CID रिपोर्ट
सरकार की ओर से बताया गया कि मंगलवार दोपहर 2.30 बजे तक CID जांच की स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में हाईकोर्ट में दाखिल की जाएगी। इसके बाद अदालत की ओर से इस संबंध में औपचारिक आदेश पारित किया जाएगा।
नियुक्तियों की वैधता पर शुक्रवार को होगी सुनवाई
अदालत ने स्पष्ट किया कि फिलहाल CID की रिपोर्ट और अंतरिम आदेश से संबंधित प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जबकि मामले की मेरिट पर सुनवाई शुक्रवार को सुबह 10.30 बजे होगी। इस दौरान नियुक्तियों को रद्द करने के सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं के मुख्य बिंदुओं पर सुनवाई होगी।
आकाश गौरव सहित कई याचिकाओं पर सुनवाई
जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने नियुक्तियां रद्द किए जाने को चुनौती देने वाली आकाश गौरव एवं अन्य, निरोज एवं अन्य समेत कई अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई की। याचिकाकर्ताओं ने राज्य सरकार के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसके तहत JSSC-CGL सहित अन्य नियुक्तियों को रद्द किया गया है।
दोनों पक्षों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने रखा पक्ष
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरीय अधिवक्ता राजीव रंजन के अलावा अधिवक्ता श्रेय मिश्रा, इंद्रजीत सिन्हा, अमृतांश वत्स सहित अन्य अधिवक्ताओं ने पक्ष रखा। वहीं राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता रोहिताश्य राय ने अदालत के समक्ष सरकार का पक्ष रखा।






