रांची: झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे सत्याग्रह और आमरण अनशन के 13वें दिन छात्र नेता महेंद्र प्रसाद मंडल ने राज्य सरकार को चेतावनी दी है कि यदि अभ्यर्थियों की मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो देशभर के जेन-जी समूह के युवा झारखंड पहुंचकर आंदोलन का समर्थन करेंगे।
महेंद्र प्रसाद मंडल ने कहा कि वह और अन्य आंदोलनकारी छात्र अपनी मांगों को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने दावा किया कि अनशन के दौरान उन्होंने पानी तक ग्रहण नहीं किया है। उन्होंने कहा कि जब तक 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द करने, भर्ती प्रक्रियाओं की उच्चस्तरीय जांच और आयोग में सुधार की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों से जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में लगातार विवाद सामने आ रहे हैं, जिससे मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार को दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
“सिर्फ आश्वासन से खत्म नहीं होगा आंदोलन”
महेंद्र मंडल ने कहा कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बावजूद अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें पूरी नहीं हुई हैं। उन्होंने सरकार से जेपीएससी और जेएसएससी में व्यापक सुधार, विवादित अधिकारियों को हटाने और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों के पास कथित अनियमितताओं से जुड़े कई दस्तावेज मौजूद हैं और वे जांच एजेंसियों को सभी तथ्य उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं।
मुख्यमंत्री से बातचीत की अपील
छात्र नेता ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से खुद या प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से आंदोलन स्थल पर पहुंचकर छात्रों से बातचीत करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को पहले अनशन समाप्त कराने की पहल करनी चाहिए और उसके बाद मांगों पर ठोस निर्णय लेना चाहिए।
उन्होंने दोहराया कि अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द करना, पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच, दोषियों पर कार्रवाई और लंबित परीक्षाओं के लिए पारदर्शी परीक्षा कैलेंडर जारी करना शामिल है।






