JPSC-JSSC विवाद पर झारखंड सरकार का पक्ष सामने आया, कांग्रेस बोली- छात्रों के मुद्दे पर सरकार गंभीर, बातचीत से समाधान की कोशिश जारी

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रांची, 12 अगस्त। झारखंड कांग्रेस ने कहा है कि राज्य सरकार JPSC-JSSC परीक्षाओं से जुड़े छात्रों के मुद्दों को लेकर गंभीर है और उनकी जायज मांगों का समाधान बातचीत एवं लोकतांत्रिक तरीके से करना चाहती है। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में बुधवार को सरकार के चार मंत्रियों राधा कृष्ण किशोर, दीपिका पांडेय सिंह, डॉ. इरफान अंसारी और शिल्पी नेहा तिर्की ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन कर भाजपा के आरोपों पर पलटवार किया।

विधानसभा में चर्चा के लिए तैयार थी सरकार : राधा कृष्ण किशोर

वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि विधानसभा का सत्र आहूत था और सरकार छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सदन में चर्चा के लिए तैयार थी। इसके बावजूद भाजपा ने सदन में चर्चा के बजाय राजनीतिक आंदोलन का रास्ता चुना।

उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष अपने विधायकों के साथ सुबह सात बजे से मुख्यमंत्री आवास के समक्ष धरने पर बैठ गए थे। इससे स्पष्ट है कि भाजपा की मंशा छात्रों की समस्याओं पर सदन में चर्चा करने की नहीं थी।

वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आंदोलनरत छात्रों पर किसी भी तरह के बल प्रयोग या हिंसा के खिलाफ है। जिला प्रशासन और सरकार ने पूरे मामले में संयम बरता है। उन्होंने दावा किया कि आंदोलनरत छात्रों ने भी माना है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ बाहरी उपद्रवी तत्व शामिल हुए थे, जिन्होंने हिंसा को अंजाम दिया।

पूर्ववर्ती भाजपा सरकारों पर भी साधा निशाना

राधा कृष्ण किशोर ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकारों के कार्यकाल में भी आंदोलनों के दौरान पुलिस कार्रवाई हुई थी। उन्होंने बाबूलाल मरांडी के कार्यकाल में दो फरवरी 2001 को कोयलकारो परियोजना से जुड़े आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान पुलिस फायरिंग में आठ आंदोलनकारियों की मौत हुई थी।

उन्होंने कहा कि अर्जुन मुंडा और रघुवर दास के कार्यकाल में भी विभिन्न प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई में प्रदर्शनकारियों की जान गई थी।

17 परीक्षाओं की जांच CBI को सौंपने का दावा

ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि सरकार की स्पष्ट मंशा छात्रों की जायज मांगों का समाधान करना है और उनकी हर मांग पर गंभीरता से पहल की जा रही है।

CBI जांच की मांग पर उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 से अब तक 17 परीक्षाओं की जांच CBI को सौंपी गई है, लेकिन इन मामलों में जांच की प्रगति संतोषजनक नहीं रही है। उन्होंने दावा किया कि इन मामलों में अब तक केवल एक दोषसिद्धि हुई है।

उन्होंने बताया कि यह मामला हरियाणा न्यायिक सेवा परीक्षा-2017 से संबंधित था, जिसमें अगस्त 2024 में दिल्ली की एक अदालत ने फैसला सुनाया था। मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस मामले की जांच CBI ने नहीं, बल्कि चंडीगढ़ SIT ने की थी।

राहुल गांधी छात्रों की आवाज : इरफान अंसारी

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि राहुल गांधी पूरे देश में छात्रों की आवाज बनकर उभरे हैं और झारखंड के छात्रों के मामले में भी उनका संदेश स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी किसी भी तरह की हिंसा के खिलाफ हैं और छात्रों की मांगों का समाधान बातचीत एवं लोकतांत्रिक तरीके से चाहते हैं।

डॉ. अंसारी ने दावा किया कि आंदोलनरत छात्रों को सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आंदोलन में शामिल सभी छात्रों का मुफ्त इलाज उनकी देखरेख में कराया जा रहा है।

भाजपा पर आंदोलन को हिंसक बनाने का आरोप

कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने आरोप लगाया कि भाजपा छात्र आंदोलन को हिंसक बनाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और राज्य सरकार संवाद के माध्यम से छात्रों की समस्याओं के ठोस समाधान की दिशा में आगे बढ़ चुके हैं।

उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की ओर से राहुल गांधी पर लगाए गए आरोपों को निराशा में दिया गया बयान बताया। उन्होंने कहा कि छात्रों के मुद्दे का राजनीतिकरण करने के बजाय सभी पक्षों को बातचीत के जरिए समाधान की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने की संवाद से समाधान की अपील

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि JPSC-JSSC परीक्षाओं से जुड़े छात्रों की मांगों पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने सभी पक्षों से आंदोलन को राजनीतिक टकराव का रूप देने के बजाय संवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए समाधान निकालने की अपील की।

प्रेस वार्ता में राकेश सिन्हा, सतीश पॉल मुंजनी, लाल किशोर नाथ शाहदेव, डॉ. एम. तौसीफ, प्रवक्ता सोनाल शांति सहित कांग्रेस के अन्य नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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