—जनसुनवाई कार्यक्रम का लिया जायजा, कर्पूरी सभागार में बैठक नहीं होने पर जताई नाराजगी
पटना: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार सोमवार को पूरे दिन सक्रिय नजर आए। उन्होंने बिना पूर्व सूचना के जनता दल (यूनाइटेड) के प्रदेश कार्यालय पहुंचकर जनसुनवाई कार्यक्रम का निरीक्षण किया। इसके बाद पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के आवास पर भी पहुंचे और उनसे मुलाकात की। उनके इस दौरे के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया।
बिना सूचना पहुंचे पार्टी कार्यालय
सोमवार को जदयू कार्यालय में नियमित जनसुनवाई कार्यक्रम चल रहा था, जहां ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार और ग्रामीण कार्य मंत्री सुनील कुमार लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। इसी दौरान नीतीश कुमार अचानक कार्यालय पहुंच गए और कार्यक्रम की व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने पार्टी कार्यालय की विभिन्न व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।
कर्पूरी सभागार में बैठक नहीं होने पर जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान नीतीश कुमार ने कर्पूरी सभागार का उपयोग नहीं किए जाने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा को निर्देश दिया कि पार्टी की बैठकें सभागार में भी आयोजित की जाएं।
उन्होंने कहा कि सभागार को बेहतर तरीके से विकसित किया गया है, इसलिए उसका नियमित उपयोग होना चाहिए और पार्टी कार्यक्रम वहीं आयोजित किए जाने चाहिए।
संजय झा से मुलाकात, कहा- अच्छा काम कर रहे हैं
जदयू कार्यालय के बाद नीतीश कुमार राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के आवास पहुंचे। वहां उन्होंने कुछ समय तक बातचीत की और संजय झा के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वे अच्छा काम कर रहे हैं और इसी तरह काम करते रहें।
समर्थकों ने लगाए नारे, नेताओं में बढ़ी सतर्कता
नीतीश कुमार के दौरे के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनके समर्थन में नारे लगाए। उनके औचक निरीक्षण के बाद पार्टी नेताओं और मंत्रियों में भी सतर्कता बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि अब जनसुनवाई कार्यक्रम में सभी मंत्री समय से पहले पहुंचने लगे हैं।
अचानक दौरे से कार्यालय में मची हलचल
बिना किसी पूर्व सूचना के नीतीश कुमार के पहुंचने से जदयू कार्यालय में हलचल मच गई। कई नेता और कर्मचारी जल्दबाजी में अपनी-अपनी जगह पर पहुंचे। प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और एमएलसी संजय गांधी भी इस दौरान कार्यालय में मौजूद रहे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, निरीक्षण के दौरान यदि कोई जिम्मेदार नेता अनुपस्थित मिलता है तो नीतीश कुमार उसकी जानकारी भी लेते हैं।






