रांची: धनबाद के वासेपुर का कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान अब केवल झारखंड पुलिस ही नहीं, बल्कि देश की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी बड़ी चुनौती बन चुका है। ताजा खुलासों में सामने आया है कि उसने पाकिस्तान में नई पहचान बना ली है और ‘फैज खान’ नाम से वहां रह रहा है।
पाकिस्तानी पहचान पत्र से खुलासा
सुरक्षा एजेंसियों के हाथ लगे दस्तावेजों के अनुसार, प्रिंस खान ने पाकिस्तान में फर्जी पहचान पत्र बनवा लिया है। इस पहचान पत्र में उसका नाम ‘फैज खान’ दर्ज है।
- नया नाम: फैज खान
- आईडी नंबर: 611918064570-6
- जारी तिथि: 12 मई 2025
- वैधता: 12 मई 2035
इस दस्तावेज के सामने आने के बाद एजेंसियों के बीच हड़कंप मच गया है। झारखंड पुलिस अब उसे आधिकारिक तौर पर ‘आतंकी’ घोषित कराने की प्रक्रिया में जुट गई है और जल्द ही केंद्र को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
दुबई से पाकिस्तान तक का फरार सफर
जांच में यह भी सामने आया है कि जून 2025 में यूएई का वीजा खत्म होने के बाद प्रिंस खान दुबई में छिपकर रह रहा था। भारतीय एजेंसियों के दबाव के बाद जब यूएई पुलिस ने उसकी तलाश तेज की, तो वह वहां से भागकर पाकिस्तान पहुंच गया।
उसके खिलाफ पहले ही ब्लू और रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए जा चुके हैं, जबकि भारतीय पासपोर्ट भी रद्द किया जा चुका है।
‘मेजर’ के नाम से चलता है नेटवर्क
प्रिंस खान सोशल मीडिया पर खुद को ‘मेजर’ कहलवाता है। उसके खिलाफ 115 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। पिछले चार वर्षों में उसके गैंग से जुड़े 130 से अधिक अपराधियों को पुलिस जेल भेज चुकी है, लेकिन खुद प्रिंस अब भी फरार है।
खून-खराबे का लंबा इतिहास
प्रिंस खान का नाम धनबाद में कई सनसनीखेज वारदातों से जुड़ा रहा है—
- 24 नवंबर 2021: नया बाजार में महताब आलम उर्फ नन्हे की हत्या
- मई 2022: हाउसिंग कॉलोनी में ठेकेदार रामनरेश सिंह के घर फायरिंग
- दिसंबर 2022: बैंक मोड़ स्थित क्लिनिक लैब पर ताबड़तोड़ फायरिंग
- फरवरी 2023: रिकवरी एजेंट उपेंद्र सिंह की हत्या में नाम
- मई 2023: वासेपुर में इकबाल खान और ढोलू पर हमला
- अक्टूबर 2023: कारोबारी दीपक अग्रवाल पर जानलेवा हमला
एजेंसियों के लिए बढ़ती चुनौती
प्रिंस खान का पाकिस्तान में छिपना भारत की सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। आशंका जताई जा रही है कि वह आपराधिक नेटवर्क से आगे बढ़कर आतंकी गतिविधियों से भी जुड़ सकता है।
अब देखना होगा कि उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पकड़ने के लिए भारत किस तरह की कूटनीतिक और सुरक्षा रणनीति अपनाता है।





