कोलकाता। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई और दिल्ली में हुए घटनाक्रम को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। तृणमूल कांग्रेस की ओर से शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट जारी कर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली पुलिस को सीधे निशाने पर लिया गया।
तृणमूल कांग्रेस ने अपने साेशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए जनप्रतिनिधियों पर दिल्ली पुलिस के जरिए हमला कराया जा रहा है, ताकि विरोध की आवाज को दबाया जा सके। पार्टी ने सवाल उठाया कि क्या अब लोकतंत्र को कुचलने के लिए दिल्ली पुलिस का इस्तेमाल किया जा रहा है और क्या यही ‘नया भारत’ है, जहां असहमति को ताकत के बल पर चुप कराया जाता है। पोस्ट में तृणमूल कांग्रेस ने दावा किया कि पहले प्रवर्तन निदेशालय का “बेशर्म दुरुपयोग” किया गया और अब पार्टी के आठ सांसदों के शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन पर हमला कराया गया। पार्टी का कहना है कि यह सब केंद्र सरकार की घबराहट और हताशा को उजागर करता है।
तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है, लेकिन बंगाल डरने वाला नहीं है। पोस्ट में कहा गया है कि केंद्र सरकार चाहे जितने भी हमले कर ले, लोकतंत्र की लड़ाई जारी रहेगी। अपने तीखे संदेश के अंत में तृणमूल कांग्रेस ने दिल्ली पुलिस की भूमिका की निंदा करते हुए कहा कि शर्म आनी चाहिए आपको और आपकी पुलिस को। साथ ही पार्टी ने नारा दिया – “जितने भी हमले करो, आखिरकार जीत बंगाल की ही होगी।”
उधर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोलकाता में केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के विरोध में दोपहर 2 बजे मार्च निकालेंगी।
ईडी की आई-पैक पर छापेमारी को लेकर सीएम ममता बनर्जी ने दो थानों में दर्ज कराई शिकायत
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा इंडिया पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) के कार्यालय और उसके सह-संस्थापक प्रतीक जैन के आवास पर एकसाथ की गई छापेमारी के मामले में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कोलकाता के दो अलग-अलग पुलिस थानों में शिकायत दर्ज कराई है।
सूत्रों के मुताबिक, एक शिकायत कोलकाता पुलिस के अंतर्गत शेक्सपीयर सरणी पुलिस स्टेशन में, जबकि दूसरी शिकायत विधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के इलेक्ट्रॉनिक कॉम्प्लेक्स पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई है। हालांकि, दोनों ही शिकायतों में न तो किसी ईडी अधिकारी और न ही किसी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के कर्मियों का नाम शामिल किया गया है। शिकायतें अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज की गई हैं। इस बीच, कोलकाता पुलिस ने भी शेक्सपीयर सरणी पुलिस स्टेशन में स्वतः संज्ञान लेते हुए एक मामला दर्ज किया है।
मुख्यमंत्री द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री और पश्चिम बंगाल भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक मुख्यमंत्री “किसी कारोबारी को बचाने” के लिए खुद दो थानों में शिकायत दर्ज करा रही हैं। मजूमदार ने मुख्यमंत्री से अपने पद की गरिमा बनाए रखने की अपील भी की।
गौरतलब है कि, इसी मामले से जुड़े तीन अलग-अलग याचिकाओं पर शुक्रवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति शुभ्रा घोष की एकल पीठ में सुनवाई हाेनी है। इनमें मुख्य याचिका प्रवर्तन निदेशालय की है, जिसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने अपने संवैधानिक पद का दुरुपयोग करते हुए केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों के आधिकारिक कार्य में बाधा उत्पन्न की।
इसके अलावा, ईडी की याचिका के खिलाफ दो प्रत्युत्तर याचिकाएं भी दाखिल की गई हैं, एक प्रतीक जैन द्वारा और दूसरी सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की ओर से। इस मामले को लेकर राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।





