पटना — बिहार की शिक्षा व्यवस्था को तकनीक से जोड़ने और पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पटना के अधिवेशन भवन में आयोजित दो दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला सह चिंतन शिविर में शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल माध्यमों के उपयोग पर विस्तृत चर्चा की जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को शिविर का उद्घाटन किया, जबकि शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इसकी अध्यक्षता की।
15 अगस्त से ऑनलाइन पढ़ाई की तैयारी
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार 15 अगस्त से ऐसी ऑनलाइन व्यवस्था शुरू करने की तैयारी कर रही है, जिसके तहत रात 11 बजे तक भी छात्रों को ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाया जा सकेगा। इस पहल का उद्देश्य तकनीक के जरिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को अधिक से अधिक छात्रों तक पहुंचाना है।
AI का उपयोग, लेकिन शिक्षक का विकल्प नहीं
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि विभाग AI के उपयोग की दिशा में काम कर रहा है, लेकिन इसे शिक्षक का विकल्प नहीं बनाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि AI शिक्षा को बेहतर बनाने में सहायक होगा, न कि शिक्षकों की जगह लेगा।
डिजिटल शिक्षा और कंप्यूटर ज्ञान पर जोर
सरकार बच्चों के लिए कंप्यूटर शिक्षा को अनिवार्य बनाने की दिशा में काम कर रही है। आधुनिक दौर में डिजिटल जानकारी और तकनीकी समझ को शिक्षा का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
32 हजार शिक्षकों की बहाली की तैयारी
शिक्षा मंत्री ने टीआरई-4 के तहत करीब 32 हजार पदों पर शिक्षक नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही। साथ ही मॉडल स्कूलों को बेहतर ढंग से संचालित करने और उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता पर निगरानी बढ़ाने पर भी जोर दिया।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर व्यापक मंथन
चिंतन शिविर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, शिक्षक स्थानांतरण, स्मार्ट क्लास, ई-शिक्षाकोष, एचआरएमएस, आईआईटी आधारित प्रयोगशालाएं, व्यावसायिक शिक्षा, डिजिटल नवाचार, इंटरनेट, सौर ऊर्जा, स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता जैसे विषयों पर चर्चा हो रही है।
‘सरकारी स्कूलों को बनाना होगा मजबूत’
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए सरकारी स्कूल ही सबसे बड़ा सहारा हैं, इसलिए इनकी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना जरूरी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बिहार के शिक्षक अन्य राज्यों में बेहतर शिक्षा दे सकते हैं, तो वही गुणवत्ता राज्य के भीतर क्यों नहीं सुनिश्चित की जा सकती।
शिक्षकों की जवाबदेही पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल नियुक्ति ही नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि शिक्षक नियमित रूप से स्कूल जाकर पढ़ाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई शिक्षक अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

परीक्षा व्यवस्था में सुधार की तैयारी
मुख्यमंत्री ने परीक्षा प्रणाली में सुधार को बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि इसके लिए राज्यस्तरीय कमेटी गठित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र लीक या किसी भी गड़बड़ी से युवाओं में अन्याय की भावना पैदा होती है, इसलिए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
तकनीक से बदलेगी शिक्षा की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को तकनीक के इस दौर में पीछे नहीं रहना चाहिए। AI और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाने के लिए किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि आधुनिक तकनीक, बेहतर शिक्षक और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था के जरिए बिहार को शिक्षा के क्षेत्र में फिर से मजबूत पहचान दिलाई जाए।






