पटना, 24 सितंबर। धूप में तपते चेहरे, हाथों में आवेदन के कागज और आंखों में अपने आशियाने का सपना। मसौढ़ी अंचल में इन दिनों कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिल रहा है। ‘बसेरा अभियान 2.0’ के तहत भूमिहीन परिवारों को तीन डिसमिल जमीन उपलब्ध कराने के लिए आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आवेदन जमा करने के लिए अंचल कार्यालय और विशेष शिविरों में बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।
मसौढ़ी प्रखंड की अलग-अलग पंचायतों से भूमिहीन परिवार जरूरी दस्तावेज लेकर शिविरों में पहुंच रहे हैं।बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष आवेदन जमा करने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दिए। कई परिवारों के लिए यह महज सरकारी योजना का आवेदन नहीं, बल्कि लंबे समय से देखे जा रहे पक्के घर के सपने की पहली सीढ़ी है।
तीन डिसमिल जमीन के लिए शुरू हुआ आवेदन
‘बसेरा अभियान 2.0’ के तहत भूमिहीन परिवारों को तीन डिसमिल जमीन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आवेदन लिए जा रहे हैं। अंचल प्रशासन की ओर से निर्धारित प्रारूप में आवेदन जमा कराया जा रहा है।
आवेदन के साथ संबंधित जरूरी दस्तावेज भी लिए जा रहे हैं। शिविरों में आवेदन प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा कराने के लिए राजस्व विभाग के कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
10 नवंबर तक जमा किए जा सकेंगे आवेदन
मसौढ़ी के अंचल अधिकारी ऋषिकेश कुमार के मुताबिक, अभियान के तहत आवेदन लेने की प्रक्रिया 10 नवंबर तक चलेगी। उन्होंने बताया कि अब तक एक हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि आवेदन प्राप्त होने के बाद सभी मामलों की जांच और भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। सत्यापन में निर्धारित मानकों के अनुसार पात्र पाए जाने वाले परिवारों को नियमानुसार भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
पात्रता जांच के बाद होगा जमीन का आवंटन
अंचल अधिकारी ने स्पष्ट किया कि फिलहाल आवेदन लेने की प्रक्रिया चल रही है। आवेदन जमा कर देने मात्र से जमीन का आवंटन नहीं होगा। पहले आवेदनों की जांच और संबंधित परिवारों का स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जांच के दौरान जो परिवार पात्र पाए जाएंगे, उन्हें नियमानुसार निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
शिविरों में राजस्व कर्मियों की तैनाती
आवेदन और सत्यापन की प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए शिविरों में अंचल निरीक्षक, राजस्व कर्मचारी और अमीन की तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए सुरक्षा कर्मियों को भी लगाया गया है।
प्रशासन का प्रयास है कि भूमिहीन परिवारों को आवेदन जमा करने में परेशानी न हो और दस्तावेजों की जांच सहित पूरी प्रक्रिया निर्धारित तरीके से पूरी की जा सके।
नहर और पइन के किनारे रहने को मजबूर कई परिवार
मसौढ़ी के कई भूमिहीन परिवार लंबे समय से नहर, आहर और पइन के किनारे अस्थायी ठिकाने बनाकर रहने को मजबूर हैं। ऐसे परिवारों के लिए तीन डिसमिल जमीन मिलने की उम्मीद एक स्थायी आशियाने की संभावना लेकर आई है।
इन परिवारों को उम्मीद है कि पात्रता जांच पूरी होने के बाद उन्हें जमीन मिल सकेगी और वे अस्थायी ठिकानों से निकलकर अपना पक्का घर बना पाएंगे।
मुन्नी देवी बोलीं- जमीन मिलने की उम्मीद में आवेदन करने आए हैं
घोरहुआं, मसौढ़ी की रहने वाली मुन्नी देवी भी आवेदन जमा करने के लिए शिविर पहुंचीं। उन्होंने अपनी स्थिति बताते हुए कहा कि उनका परिवार पिछले कई वर्षों से आहर के किनारे पॉलिथीन तानकर रहने को मजबूर है।
मुन्नी देवी के मुताबिक, जमीन मिलने के लिए आवेदन लिया जा रहा है, इसलिए वह भी आवेदन जमा करने पहुंची हैं। उनके लिए तीन डिसमिल जमीन मिलने की उम्मीद अपने घर का सपना पूरा होने से जुड़ी है।
आवेदन के बाद शुरू होगी वास्तविक प्रक्रिया
अंचल प्रशासन के अनुसार अभी पूरी प्रक्रिया आवेदन और सत्यापन के स्तर पर है। आवेदनों की जांच, दस्तावेजों के सत्यापन और स्थलीय निरीक्षण के बाद ही पात्र परिवारों की पहचान होगी।
इसके बाद पात्र लाभुकों को नियमानुसार भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। ऐसे में आवेदन करने वाले परिवारों को पात्रता जांच पूरी होने का इंतजार करना होगा।






