प्रधानमंत्री मोदी ने दी जन औषधि दिवस की बधाई, सस्ती दवाओं से गरीब और मध्यम वर्ग को मिल रही राहत

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को जन औषधि दिवस के अवसर पर देशवासियों, विशेष रूप से प्रधान मंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना से लाभान्वित लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह पहल हर नागरिक को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर माईगॉवइंडिया की ओर से साझा पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “जनऔषधि दिवस 2026 पर, उन सभी लोगों को मेरी शुभकामनाएं जिन पर प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना का अच्छा असर हुआ है। यह पहल यह पक्का करने के हमारे कमिटमेंट को दिखाती है कि हर नागरिक को सस्ती कीमतों पर अच्छी दवाइयां मिलें। जन औषधि केंद्रों के ज़रिए, अनगिनत परिवार हेल्थकेयर खर्च बचा रहे हैं और सही इलाज पा रहे हैं।”

उन्होंने एक अन्य पोस्ट में इस योजना के परिवर्तनकारी प्रभाव की झलक भी साझा की। माईगॉवइंडिया की ओर से साझा किए गए एक पोस्ट में कहा गया कि दीर्घकालिक बीमारी किसी परिवार के लिए आर्थिक बोझ नहीं बननी चाहिए। प्रधानमंत्री की सोच के अनुरूप यह योजना दीर्घकालिक बीमारियों के लिए आवश्यक दवाओं को सुलभ और किफायती बनाकर स्वास्थ्य सेवाओं में बदलाव ला रही है।

आंकड़ों के अनुसार जन औषधि केंद्रों पर उपलब्ध दवाएं ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50 से 80 प्रतिशत तक सस्ती हैं, जिससे देशभर के परिवारों के स्वास्थ्य खर्च में उल्लेखनीय कमी आई है। इन केंद्रों से दवाएं खरीदकर लोगों ने अब तक 40,000 करोड़ रुपये से अधिक की बचत की है और प्रतिदिन लगभग 15 लाख ग्राहक यहां से दवाएं खरीदते हैं।

योजना के तहत केंद्रों का नेटवर्क भी तेजी से बढ़ा है। वर्ष 2014 में जहां केवल 80 केंद्र थे, वहीं 2026 तक इनकी संख्या बढ़कर लगभग 18,000 हो गई है।

जन औषधि केंद्रों की बिक्री में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2014-15 में 7.29 करोड़ रुपये की बिक्री से बढ़कर फरवरी 2025 तक यह आंकड़ा 2,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जो योजना पर बढ़ते जन विश्वास को दर्शाता है।

इन केंद्रों पर वर्तमान में 29 चिकित्सीय श्रेणियों में 2,110 से अधिक दवाएं और 315 सर्जिकल उत्पाद उपलब्ध हैं। इसके साथ ही मासिक धर्म स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए यहां एक रुपये प्रति पैड की दर से सेनेटरी पैड उपलब्ध कराए जा रहे हैं और अब तक 100 करोड़ से अधिक पैड बेचे जा चुके हैं।

पोस्ट के अनुसार पिछले तीन वित्तीय वर्षों में खुले नए जन औषधि केंद्रों में लगभग 60 प्रतिशत महिलाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं, जो इस योजना में महिला उद्यमियों की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।

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