दुनियाभर में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच अब करियर बनाने के मायने पूरी तरह बदल चुके हैं। आज के प्रतिस्पर्धी बाजार में वही व्यक्ति सफल है जो हर क्षेत्र में पारंगत होने के साथ-साथ तकनीकी रूप से भी अपडेट रहता है। पुराने समय में कछुआ चाल को सफलता की निशानी माना जाता था, लेकिन आज का परिवेश ‘तेज-तर्रार खरगोश’ की मांग करता है। जो समय के साथ अपनी गति और कौशल नहीं बदलता, वह इस दौड़ में पीछे छूट जाता है।
डिग्री के साथ स्किल है जरूरी
मौजूदा परिस्थितियों में केवल शैक्षणिक डिग्रियां सफलता का पैमाना नहीं रह गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों को अपनी छिपी हुई प्रतिभा को पहचानकर उसे सही दिशा में विकसित करना चाहिए। कौशल विकास (Skill Development) के लिए विशेषज्ञों की सलाह लेना और कार्यशालाओं में हिस्सा लेना आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए अनिवार्य है। याद रखें, योग्यता के साथ आत्मविश्वास मिल जाए तो करियर के कुरुक्षेत्र में जीत निश्चित है।
नेटवर्किंग और तकनीक: सफलता के दो स्तंभ
सूचना प्रौद्योगिकी के इस युग में आपके पास जितनी अधिक जानकारी और संपर्कों का संजाल होगा, राह उतनी ही आसान होगी। कूपमंडूकता छोड़ अधिक से अधिक लोगों से मिलना और सूचनाओं का आदान-प्रदान करना सफलता में उत्प्रेरक का काम करता है। इसके अलावा, तकनीक से तालमेल बिठाना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। कंप्यूटर और नई मशीनों का केवल आधारभूत ज्ञान ही काफी नहीं है, बल्कि नई तकनीक के आते ही उसमें महारत हासिल करना आपको दूसरों से आगे रखता है।
टीमवर्क और ईमानदारी से मिलेगी ऊंचाई
मैनेजमेंट का मूलमंत्र टीमवर्क है। जो व्यक्ति दूसरों के साथ मिलकर काम करना सीख लेता है, उसे पीछे मुड़कर नहीं देखना पड़ता। इसके साथ ही अपने काम के प्रति निष्ठा और ईमानदारी आपकी वास्तविक पहचान बनाती है। अतिमहत्वाकांक्षा से बचते हुए पहले अनुभव प्राप्त करना और फिर बड़े लक्ष्यों की ओर बढ़ना एक सही रणनीति है।
तनावमुक्त जीवन और परिवार का साथ
करियर निर्माण की अंधी दौड़ में अक्सर लोग अपने परिवार को भूल जाते हैं। याद रखें, संघर्ष के समय परिवार ही सबसे बड़ा संबल होता है। परिवार को पर्याप्त समय देने से मानसिक तनाव कम होता है, जिससे आप नई ऊर्जा के साथ अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ सकते हैं। परिवर्तन ही संसार का नियम है, इसलिए खुद को समय की मांग के अनुसार ढालना सीखें।





