रांची। झारखंड पुलिस की विशेष एंटी नक्सल इकाई झारखंड जगुआर का 18वां स्थापना दिवस रांची स्थित जगुआर मुख्यालय में गुरुवार को धूमधाम से मनाया गया। स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी गई और उनके योगदान को याद किया गया। इस दौरान जवानों ने परेड और हथियारों का प्रदर्शन भी किया, जिसने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
मौके पर झारखंड डीजीपी तदाशा मिश्रा, एडीजी मनोज कौशिक, आईजी साकेत सिंह आईजी माइकल राज आईजी अनूप अनूप बीथ्रे, आईजी असीम विक्रांत मिंज, आईजी अजय लिंडा, आईजी प्रभात कुमार, डीआईजी कन्हैया मयूर पटेल, डीआईजी इंद्रजीत महाथा, डीआईजी चंदन झा अन्य वरीय पदाधिकारी एवं जवानों के परिजन और अन्य लोग मौजूद रहे।
मौके पर डीजीपी तदाशा मिश्रा ने कहा कि नक्सल समस्या पर झारखंड जगुआर ने अपनी आहूति देकर काबू पाया है। डीजीपी ने बताया कि 18 साल में जगुआर ने नक्सल आउटफिट्स के खिलाफ बेहतर काम किया है। हमारे झारखंड जगुआर को श्रेष्ठ बनाने में बेहतर प्रशिक्षण की भूमिका है। नए लड़के बेहतर काम कर रहे हैं। वर्तमान सरकार ने पुलिस की चुनौतियों को ठीक करने की दिशा में काम किया है। ऐसे में पुलिस का मनोबल बढ़ा है। 18 सालों में 350 से अधिक नक्सल की गिरफ्तारी हुई है। 50 से ज्यादा को मार गिराया गया।
डीजीपी ने बताया कि झारखंड जगुआर के जवान नक्सलियों के खिलाफ बेहतरीन तो हैं ही। साथ ही जगुआर की बीडीएस टीम (बम निरोधक दस्ता) भी बेहतर कार्य कर रही है। नक्सलियों की ओर से लगाए गए आईईडी और लैंड माइंस को निष्क्रिय कर नक्सलियों को भारी नुकसान पहुंचाया और जंगली रास्तों को अपने फोर्स और ग्रामीणों के लिए सुरक्षित बनाया।
जगुआर की स्थापना दिवस के अवसर पर डीजीपी तदाशा मिश्रा ने जगुआर मुख्यालय में एक अस्पताल खोलने की घोषणा की। डीजीपी ने बताया कि आईजी झारखंड जगुआर अनूप बिरथरे ने जगुआर कैंपस में एक अस्पताल होना अनिवार्य बताया था। यह सच भी है कि इतने बड़े कैंपस में डॉक्टरों की टीम का होना बेहद आवश्यक है। इसलिए जल्द ही 10 बेड का एक अस्पताल झारखंड जगुआर कैंपस में शुरू किया जाएगा, जिसमें डॉक्टरों की टीम के साथ-साथ चिकित्सा की सभी व्यवस्था रहेगी।
इस अवसर पर आईजी अनूप बिरथरे ने कहा कि गठन के बाद से झारखंड जगुआर ने राज्य में शांति स्थापना में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि अब तक जगुआर के 24 वीर जवान शहीद हुए हैं और वे सभी को नमन करते हैं।
आईजी ने कहा कि झारखंड पुलिस और जगुआर के समर्पित प्रयासों के कारण आज राज्य इस मुकाम पर खड़ा है। फिलहाल चाईबासा जिला को नक्सल प्रभावित क्षेत्र माना जाता है, लेकिन पुलिस और जगुआर की टीम जल्द ही वहां भी पूरी तरह शांति स्थापित कर देगी। एंटी-नक्सल ऑपरेशन के उद्देश्य से गठित इस विशेष बल ने अपने लक्ष्य को काफी हद तक हासिल कर लिया है, जो झारखंड के लिए एक बडी उपलब्धि है।
आईजी अनूप बिरथरे ने बताया कि झारखंड जगुआर परिवार का यह सौभाग्य है कि आज हमारे स्थापना दिवस पर आप सभी अतिथियों का आगमन झारखंड जगुआर कैंपस में हुआ है। इसके लिए हम आप सभी के आभारी हैं। आईजी ने बताया कि झारखंड जगुआर का गठन वर्ष 2008 में लेफ्ट विंग एक्सट्रीम से लड़ने के लिए एक एंटी नक्सल फोर्स के रूप में किया गया था। गठन से लेकर आज तक झारखंड जगुआर ने अपने इस कर्तव्य का निर्वहन भली-भांति किया है और झारखंड राज्य में वामपंथी उग्रवाद से लड़ने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।
आईजी ने अपने 24 वीर शहीद पदाधिकारी और जवानों को नमन करते हुए कहा कि जिन्होंने नक्सलियों के विरुद्ध लड़ते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है। मैं उन शहीद परिवारों को नमन करता हूं, जिन्होंने झारखंड राज्य को नक्सली मुक्त बनाने के लिए अपने प्राणों की आहूति दी है। 2008 में अपने गठन से लेकर आज तक झारखंड जगुआर में नक्सली उन्मूलन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया है। अभी तक कुल 114 मुठभेड़ में 50 से अधिक उग्रवादियों को मुठभेड़ में मार गिराया गया है। 300 से अधिक उग्रवादियों की गिरफ्तारी की गई है। साढ़े चार हजार से अधिक पुलिस हथियार एवं 3000 से अधिक आईईडी रिकवर किए गए हैं। आईजी ने बताया कि पिछले वर्ष 2025 में झारखंड जगुआर ने अपने किए गए ऑपरेशंस में कुल सात उग्रवादियों को मार गिराया। इसके अलावा संयुक्त बलों के साथ किए गए अभियानों में सैकड़ों की संख्या में आईईडी रिकवर की और 38 किलो से ज्यादा जिलेटिन जो ओडिशा राज्य में लूटा गया था, जो सुरक्षा बलों के विरुद्ध और आम नागरिकों के विरुद्ध ऑपरेशन में सीआरपीएफ और कोबरा फोर्सेज के साथ रिकवर किया। इसके अलावा पिछले साल 23 पुलिस हथियार एवं 19 देसी मेड हथियार बरामद किए गए हैं।
कार्यक्रम के दौरान जगुआर के जवानों ने डेमो कर नक्सल अभियान के दौरान एनकाउंटर जैसा लाइव नजारा दिखाया।





