पलामू। पलामू संसदीय क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक एवं बहुप्रतीक्षित खुशखबरी सामने आई है। रेल मंत्रालय ने पुरुलिया से आनंद विहार टर्मिनल (दिल्ली) तक नई ट्रेन संख्या 14021/14022 चलाने की स्वीकृति प्रदान कर दी है।
यह ट्रेन पुरुलिया से प्रस्थान कर रांची, लोहरदगा, टोरी, बरवाडीह, लातेहार, डाल्टनगंज, गढ़वा रोड, जपला, डेहरी ऑन सोन, डीडीयू होते हुए वाराणसी, अयोध्या एवं लखनऊ के रास्ते आनंद विहार टर्मिनल तक पहुंचेगी। यह नई ट्रेन पलामू एवं गढ़वा जिलों के लाखों नागरिकों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। विशेष रूप से श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम में दर्शन के लिए अब सीधी रेल सुविधा उपलब्ध होगी। गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए लखनऊ स्थित संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीजीआई ) में जाने वाले मरीजों एवं उनके परिजनों को अब लंबी दूरी की जटिल यात्रा और ट्रेन बदलने की असुविधा से मुक्ति मिलेगी और आन्नद विहार (दिल्ली) के लिए भी सुविधा होगी।
उल्लेखनीय है कि पलामू सांसद विष्णु दयाल राम ने ट्रेन के परिचालन के लिए लोकसभा में प्रभावी ढंग से मामले को उठाया था एवं रेल मंत्रालय के समक्ष लिखित एवं मौखिक रूप से इस विषय को रखा तथा मंडल एवं जोनल स्तर की बैठकों में भी लगातार मामले को उठाया। सांसद ने व्यक्तिगत रूप से रेल मंत्री से मुलाकात कर पलामू संसदीय क्षेत्र की जनभावनाओं से अवगत कराया तथा शीघ्र स्वीकृति की मांग की थी। यह ट्रेन न केवल धार्मिक एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति करेगी, बल्कि क्षेत्रीय व्यापार, शिक्षा एवं रोजगार के अवसरों को भी नई गति प्रदान करेगी।
सांसद ने गुरुवार सुबह बताया कि बहुत जल्द इस नई ट्रेन के शुभारंभ हेतु एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें वे स्वयं उपस्थित रहकर क्षेत्रवासियों को समर्पित करेंगे। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया है।
इधर झारखंड रेल यूजर्स एसोसिएशन के प्रवक्ता सत्यम श्रीवास्तव एवं मीडिया प्रभारी अंकु सिंह राणा ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि यह मांग लंबे समय से की जा रही थी। जब भी उनकी मुलाकात सांसद से होती थी, वे लगातार इस महत्वपूर्ण रेल सेवा की आवश्यकता से उन्हें अवगत कराते थे। दिसंबर माह में रेल मंत्री से मुलाकात कर लखनऊ के लिए नई ट्रेन के परिचालन पर सहमति प्राप्त की थी। अब रेल मंत्रालय द्वारा स्वीकृति मिलना सांसद विष्णु दयाल राम और झारखंड रेल यूजर्स एसोसिएशन के निरंतर प्रयासों का फलस्वरूप परिणाम है।





