नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के 12वें दिन गुरुवार को कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने संसद भवन परिसर के मकर द्वार के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया। विपक्षी सांसदों ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते, लोकसभा अध्यक्ष के चैंबर में विपक्षी सांसदों पर लगे अभद्रता के आरोपों और कई अन्य मुद्दों को लेकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल, प्रमोद तिवारी, राजीव शुक्ला, दीपेंद्र हुड्डा, समाजवादी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव, धर्मेंद्र यादव, जया बच्चन, प्रिया सरोज समेत बड़ी संख्या में विपक्षी सांसद मौजूद रहे। प्रदर्शनकारी सांसदों ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ नारेबाजी की। उनके हाथों में बैनर और पोस्टर थे जिन पर “एमएसपी बचाओ”, “क्राइम हटाओ”, “ट्रैप डील” जैसे नारे लिखे थे।
प्रियंका गांधी ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के विपक्षी सांसदों पर लोकसभा अध्यक्ष के चैंबर में घुसकर अभद्रता करने के आरोप लगाने पर सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि हमने किसी को गाली नहीं दी। एक-दो सांसद आक्रोशित थे और उन्होंने अपनी बात रखी। प्रियंका ने कहा, “रिजिजू ने कहा कि मैं उन्हें उकसा रही थी, यह झूठ है। मैं शांत बैठी थी और अंत में कुछ बातें शांति से कही थीं। “
भाजपा सवालों से भाग रही, कोई जवाब नहीं: राजीव शुक्ला
राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पर कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा कि भाजपा राहुल गांधी के पीछे इसलिए पड़ी है क्योंकि उन्होंने इतने मुद्दे उठाए हैं जिनका भाजपा के पास कोई जवाब नहीं है। इसलिए वह उन्हें निशाना बनाते रहते हैं, कभी विशेषाधिकार प्रस्ताव लाते हैं, कभी संसद से निष्कासित करते हैं। पंडित नेहरू ने देश बनाया, इंदिरा जी ने देश बनाया, राजीव गांधी ने देश बनाया। आज जो मोबाइल फोन और आईटी सेक्टर है, उसमें राजीव गांधी का योगदान है। मनमोहन सिंह ने आर्थिक सुधार किए। कांग्रेस ने देश बनाया और भाजपा उसे बेच रही है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने कहा कि क्या आपने कश्मीर से खबर सुनी? वहां के सेब उत्पादक पहले ही कह चुके हैं कि उनका कारोबार प्रभावित हुआ है। देश के अलग-अलग हिस्सों से इसी तरह की प्रतिक्रियाएं आएंगी। जब सभी सेक्टर प्रभावित होंगे तो क्या विपक्ष चुप रहेगा? हम जनता की आवाज उठा रहे हैं। यही कारण है कि राहुल गांधी ने संसद में स्पष्ट भाषण दिया।





