समुद्री सुरक्षा में भारत की बड़ी भूमिका, CTF-154 का नेतृत्व मिला

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नई दिल्ली। भारतीय नौसेना ने हिंद महासागर क्षेत्र और उससे भी आगे समुद्री सुरक्षा और क्षमता निर्माण के लिए पहली बार बहुराष्ट्रीय संयुक्त कार्य बल (सीटीएफ) 154 की कमान संभाल ली है। इसे भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करने वाले एक ऐतिहासिक घटनाक्रम के रूप में माना जा रहा है। कमांड संभालने पर भारतीय नौसेना का मकसद उच्च प्रभावी प्रशिक्षण पहल प्रदान करना और शांति, समृद्धि एवं सुरक्षा के लिए वैश्विक समुद्री साझीदारी को मजबूत बनाना शामिल है।

मल्टीनेशनल कंबाइंड टास्क फोर्स संभालने वाले समारोह का आयोजन 11 फरवरी को बहरीन के मनामा स्थित संयुक्त समुद्री बल (सीएमएफ) मुख्यालय में हुआ, जिसकी अध्यक्षता अमेरिकी नौसेना के वाइस एडमिरल कर्ट रेनशॉ ने की। इस अवसर पर भारत के उप नौसेना प्रमुख वाइस एडमिरल तरुण सोबती और अन्य सदस्य देशों के वरिष्ठ सैन्य प्रमुख उपस्थित थे। इसी कार्यक्रम में इटली की नौसेना के कमोडोर एंड्रिया बिएली ने मल्टीनेशनल मैरीटाइम ट्रेनिंग टास्क फोर्स की कमान भारतीय नौसेना के कमोडोर मिलिंद मोकाशी को सौंप दी। वाइस एडमिरल रेनशॉ ने कहा कि कोमोडोर बिएली के नेतृत्व में सीटीएफ-154 की इटली की पहली कमांड के दौरान इस टास्क फोर्स ने बड़ी सफलता हासिल की है।

उन्होंने बताया कि अपने कार्यकाल के दौरान कोमोडोर बिएली ने सीटीएफ-154 के इतिहास का सबसे बड़ा और सबसे मुश्किल ऑपरेशन ‘ऑपरेशन कंपास रोज़ V’ का नेतृत्व किया, जिसमें 22 देशों के लगभग 140 समुद्री सुरक्षा पेशेवर एक साथ आए। उन्होंने पूरे इलाके में 34 देशों के साथ मीटिंग और 19 प्रशिक्षण शिविर भी किए, जिसमें दक्षिणी क्षेत्र के ऑपरेशन्स में देशों को बेहतर तरीके से जोड़ने के लिए नई रणनीति लागू की गईं। बिएली ने केन्या में ऑपरेशन ‘सदर्न रेडीनेस’ की भी कमान संभाली, जो सीटीएफ-154 के लिए सबसे बड़ा प्रशिक्षण कार्यक्रम था, जिसमें रिकॉर्ड तोड़ 160 लोग शामिल हुए। यह सोमालिया कोस्ट गार्ड की पहली बार हिस्सेदारी पक्की करने के लिए भी खास कार्यक्रम था, जो इलाके की समुद्री सुरक्षा के लिहाज से बड़ा कदम था।

नौसेना के कैप्टन विवेक मधवाल ने बताया कि सीटीएफ 154 विशेष रूप से सीएमएफ के सदस्य देशों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर केंद्रित है। यह सीएमएफ के 47 देशों के बीच भारत की पेशेवर विशेषज्ञता, परिचालन अनुभव और सुरक्षा भागीदार के रूप में क्षेत्र के बढ़ता विश्वास है। मई, 2023 में स्थापित सीटीएफ-154 मध्य पूर्व और व्यापक क्षेत्र में बहुराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से समुद्री सुरक्षा को बढ़ाने के लिए समर्पित है। यह प्रशिक्षण पांच मुख्य स्तंभों समुद्री क्षेत्र जागरुकता (एमडीए), समुद्र का कानून, समुद्री अवरोधन अभियान, समुद्री बचाव और सहायता और नेतृत्व विकास पर केंद्रित है।

उन्होंने बताया कि यह कार्यबल नियमित रूप से समुद्री सुरक्षा संवर्धन प्रशिक्षण (एमएसईटी) कार्यक्रम और उत्तरी-दक्षिणी तत्परता जैसे अभ्यास आयोजित करता है। तस्करी, समुद्री डकैती और अनियमित प्रवासन जैसे सामान्य खतरों के खिलाफ सहयोगी देशों की परिचालन क्षमताओं को मजबूत करने के लिए संपर्क कार्यक्रम भी यही कार्यबल चलाता है। सीटीएफ-154 सीएमएफ के अन्य टास्क फोर्स के साथ मिलकर सीटीएफ 150 (समुद्री सुरक्षा), सीटीएफ 151 (समुद्री डकैती विरोधी अभियान), सीटीएफ 152 (अरब की खाड़ी में समुद्री सुरक्षा) और सीटीएफ 153 (लाल सागर में समुद्री सुरक्षा) कार्यों को अंजाम देता है।

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