Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

लक्कुंडी में ऐतिहासिक धरोहरों की खुदाई तेज, विदेशी एनजीओ निवेश को तैयार

Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

Share

गदग (कर्नाटक)। कर्नाटक के गदग तालुक स्थित ऐतिहासिक लक्कुंडी गांव में पुरातत्व विभाग की खुदाई का काम लगातार 15वें दिन भी जारी है। इस दौरान प्राचीन इतिहास से जुड़े कई महत्वपूर्ण अवशेष और जानकारी सामने आ रही हैं।

वीरभद्रेश्वर मंदिर के सामने चल रही खुदाई में 35 से अधिक कर्मचारी अत्यंत सावधानी और सूक्ष्मता के साथ जुटे हुए हैं। अब तक 50 से अधिक दुर्लभ पुरावशेष खोजे जा चुके हैं, जिससे लक्कुंडी के ऐतिहासिक महत्व की पुष्टि हुई है। प्रतिदिन नए शिलालेख, पत्थर की संरचनाएं और प्राचीन वस्तुएं सामने आ रही हैं। खुदाई स्थल पर इतिहास प्रेमियों और स्थानीय ग्रामीणों की भी अच्छी-खासी संख्या जुटी रहती है।

- Sponsored -
Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

लक्कुंडी की चालुक्य कालीन स्मारकों के लिए प्रसिद्धता के मद्देनजर इस खुदाई से और भी महत्वपूर्ण ऐतिहासिक प्रमाण मिलने की संभावना है। लक्कुंडी विकास प्राधिकरण के आयुक्त शरणु गोगेरी ने बताया कि इस खुदाई से गांव के गौरवशाली अतीत के कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं।

विदेशी एनजीओ ने दिखाई दिलचस्पी

- Sponsored -
Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

इसी बीच लक्कुंडी के समग्र विकास को लेकर विदेशी एनजीओ की रुचि बढ़ रही है। इटली और ग्रीस की ‘डेक्कन हेरिटेज फाउंडेशन’ की टीम ने लक्कुंडी का दौरा किया और खुले संग्रहालय (ओपन एयर म्यूजियम) तथा ऐतिहासिक मंदिरों का निरीक्षण किया।

फाउंडेशन की प्रमुख डॉ. हेलेन के नेतृत्व में टीम ने लगभग 3 एकड़ में फैले खुले संग्रहालय का अवलोकन किया, जहां खुदाई में प्राप्त पुरावशेष संरक्षित किए जा रहे हैं। टीम लक्कुंडी के विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर रही है।

- Sponsored -
Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

सरकार की ओर से इस संग्रहालय के विकास के लिए करीब 2 करोड़ 25 लाख रुपये की लागत वाली योजना तैयार की गई है। डेक्कन हेरिटेज फाउंडेशन ने इस परियोजना में रुचि दिखाई है और जल्द ही विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी।

परियोजना पूरी होने के बाद संग्रहालय को नया स्वरूप दिया जाएगा और लक्कुंडी के इतिहास को दर्शाने वाली कन्नड़ और अंग्रेज़ी गाइड पुस्तकों का प्रकाशन भी किया जाएगा।

चालुक्य कालीन दुर्लभ मंदिरों और पुरावशेषों के लिए प्रसिद्ध लक्कुंडी में विदेशी एनजीओ की बढ़ती रुचि से गांव के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

Your Brand Here
Limited time offer
Shop Now →

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31