टी-20 विश्व कप में भारत से मुकाबला टालने पर पाकिस्तान को भारतीय नेताओं ने लताड़ा

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नई दिल्ली। पाकिस्तान द्वारा आईसीसी पुरुष टी-20 विश्व कप 2026 में भारत के खिलाफ मैच न खेलने की खबरों पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर, राजीव शुक्ला, मणिकम टैगोर, टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद और पूर्व क्रिकेटर मदन लाल समेत कई नेताओं ने इसे खेल भावना के खिलाफ बताते हुए बीसीसीआई से सख्त रुख अपनाने की मांग की है।

शशि थरूर ने कहा कि खेल को राजनीति से जोड़ना बेहद शर्मनाक है। क्रिकेट जैसे खेल का मकसद लोगों को जोड़ना होना चाहिए, लेकिन इस तरह की राजनीति ने इसे विभाजन का साधन बना दिया है। आईसीसी को तुरंत हस्तक्षेप कर इस विवाद को खत्म करना चाहिए और क्रिकेट को एकता का माध्यम बनाए रखना चाहिए।

कांग्रेस सांसद और बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा कि आईसीसी ने पत्र जारी कर खेल भावना पर बातचीत की है और बीसीसीआई इस पर आईसीसी से चर्चा के बाद ही टिप्पणी करेगा। खेल को राजनीति से दूर रखना ही सही रास्ता है और भारत आईसीसी के साथ मिलकर आगे का रास्ता तय करेगा।

कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा कि क्रिकेट पर राजनीति लंबे समय से होती रही है। बोर्ड और सरकार को इस पर सही निर्णय लेना चाहिए ताकि दोनों देशों के बीच तनाव और न बढ़े। अगर इस तरह की राजनीति जारी रही तो दोनों देशों के बीच सामान्य संबंध स्थापित करना कठिन हो जाएगा।

टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने पाकिस्तान पर तंज कसते हुए कहा कि पाकिस्तान को पता है वह भारत से जीत नहीं सकता, इसलिए उसने बहिष्कार का रास्ता चुना। भारत को पहले ही आतंकवाद के खिलाफ सख्त संदेश देने के लिए पाकिस्तान से खेलने से इनकार कर देना चाहिए था।

शिवसेना (उबाठा) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि पाकिस्तान ने जुर्माना और दंड झेलने का जोखिम उठाकर भी भारत से खेलने से इनकार किया है। भारत को पहले ही सख्त रुख अपनाना चाहिए था। पाकिस्तान ने यह दिखा दिया है कि वह खेल के नियमों से ऊपर राजनीति को रखता है।

पूर्व क्रिकेटर मदन लाल ने कहा कि पाकिस्तान अपनी ही क्रिकेट को नुकसान पहुंचा रहा है और यह निर्णय सही सोच का नहीं है। इस फैसले से पाकिस्तान और बांग्लादेश दोनों को नुकसान होगा और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनकी स्थिति कमजोर होगी।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि भारत को शुरू से ही पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से इनकार करना चाहिए था और देश की गरिमा से समझौता नहीं करना चाहिए। बीसीसीआई को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह का खेल संबंध नहीं रखना चाहिए।

कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने कहा कि भारत को वैश्विक स्तर पर यह मुद्दा उठाना चाहिए था और आईसीसी को पाकिस्तान पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। पाकिस्तान के इस रवैये को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और भारत को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि पाकिस्तान भारत की मजबूत टीम से खेलने योग्य नहीं है और बहिष्कार का बहाना बना रहा है। भारतीय टीम इतनी मजबूत है कि पाकिस्तान को मैदान में उतरने से डर लग रहा है।

विराट कोहली के बचपन के कोच राजकुमार शर्मा ने कहा कि यह पाकिस्तान का दुर्भाग्यपूर्ण और राजनीतिक निर्णय है। इससे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और उसके खिलाड़ियों को नुकसान होगा और पाकिस्तानी जनता भी निराश होगी। आईसीसी अगर इस पर कार्रवाई करता है तो पाकिस्तान को और बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा।

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