दरभंगा। दरभंगा जिले के घनश्यामपुर प्रखंड अंतर्गत जयदेवपट्टी गांव निवासी डॉ. दीपक कुमार मिश्र ने चिकित्सा क्षेत्र की सर्वोच्च और सर्वाधिक कठिन परीक्षाओं में शामिल नीट-एसएस 2025 में मनोरोग विषय में ऑल इंडिया रैंक-4 प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। देशभर से लाखों योग्य चिकित्सकों की प्रतिस्पर्धा के बीच चौथा स्थान प्राप्त करना असाधारण प्रतिभा, अनुशासन और निरंतर परिश्रम का प्रमाण माना जा रहा है।
डॉ. दीपक कुमार मिश्र की शैक्षणिक यात्रा निरंतर उत्कृष्टता की मिसाल रही है। उन्होंने पहले एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की, इसके बाद भागलपुर से एमडी की पढ़ाई पूर्ण की। एमडी के उपरांत उन्होंने चिकित्सा की सर्वोच्च विशेषज्ञता की दिशा में कदम बढ़ाते हुए नीट-एसएस(सुपर स्पेशियलिटी) परीक्षा में सम्मिलित होकर यह बड़ी सफलता अर्जित की। चिकित्सा शिक्षा में नीट-यूजी से एमबीबीएस, नीच-पीजी से एमडी/एमएस और इसके बाद नीट-एसएस के माध्यम से सुपर-स्पेशियलिटी में प्रवेश मिलता है। नीट-एसएस परीक्षा केवल देश के सर्वश्रेष्ठ और अनुभवी चिकित्सकों के लिए होती है, जिसमें चयन अत्यंत सीमित और प्रतिस्पर्धा अत्यधिक होती है। इस परीक्षा में शीर्ष रैंक प्राप्त करना उच्च स्तरीय क्लिनिकल नॉलेज, रिसर्च-ओरिएंटेड सोच और विषयगत गहराई को दर्शाता है।
मनोरोग विज्ञान वर्तमान समय में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी जटिल चुनौतियों—जैसे अवसाद, चिंता विकार, नशा-निर्भरता एवं अन्य मानसिक रोगों—के वैज्ञानिक उपचार का अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है। इस विषय में नीट-एसएस में चौथा स्थान प्राप्त करना डॉ मिश्र की विशेषज्ञता और समाजोपयोगी चिकित्सा भूमिका को रेखांकित करता है।
डॉ दीपक कुमार मिश्र की इस उपलब्धि पर उनके पिता पवन मिश्रा एवं माता पुनीता देवी ने गहरा संतोष और गौरव व्यक्त किया है। उन्होंने इसे वर्षों की कठिन साधना और लक्ष्य के प्रति अडिग प्रतिबद्धता का परिणाम बताया।ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर चिकित्सा जगत में शीर्ष स्थान हासिल करना यह सिद्ध करता है कि संकल्प, परिश्रम और सही दिशा में प्रयास से कोई भी शिखर दूर नहीं। डॉ. दीपक कुमार मिश्र की यह सफलता बिहार सहित पूरे क्षेत्र के मेडिकल छात्रों के लिए एक सशक्त प्रेरणा है।





