दिल्ली की तेज गेंदबाज नंदिनी शर्मा ने अपने टीम की हार पर दिया बड़ा बयान

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मुंबई। जेएसडब्ल्यू और जीएमआर की सह-मालिकाना वाली दिल्ली कैपिटल्स ने महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) 2026 के अपने दूसरे मुकाबले में ज़बरदस्त ऑलराउंड प्रदर्शन किया, लेकिन रविवार को डॉ. डीवाई पाटिल स्पोर्ट्स अकादमी में गुजरात जायंट्स के खिलाफ़ चार रन से हार का सामना करना पड़ा।

210 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए दिल्ली कैपिटल्स की टीम 20 ओवर में 5 विकेट पर 205 रन ही बना सकी और आख़िरी गेंद तक मुकाबले में बनी रही। लक्ष्य का पीछा करते हुए लिज़ेल ली ने 54 गेंदों पर 86 रन की शानदार पारी खेली, जबकि लॉरा वोल्वार्ड्ट ने 38 गेंदों में तेज़तर्रार 77 रन बनाए।

इससे पहले दिल्ली कैपिटल्स की गेंदबाज़ी का नेतृत्व युवा तेज़ गेंदबाज़ नंदिनी शर्मा ने किया, जिन्होंने 33 रन देकर 5 विकेट लिए। डब्ल्यूपीएल में अपना महज़ दूसरा मुकाबला खेल रहीं नंदिनी ने इतिहास रचते हुए टूर्नामेंट में हैट्रिक लेने वाली पहली अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया। इसके साथ ही वह डब्ल्यूपीएल में पांच विकेट लेने वाली पहली भारतीय गेंदबाज़ भी बनीं। नंदिनी ने पारी के अंतिम ओवर में चार विकेट झटकते हुए गुजरात की पारी पर लगाम कस दी।

करीबी मुकाबले पर प्रतिक्रिया देते हुए नंदिनी शर्मा ने फ्रेंचाइजी की ओर से जारी बयान में कहा,

“हम आख़िरी गेंद तक मुकाबले में बने रहे। सभी खिलाड़ियों ने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया और हम जीत के बहुत क़रीब थे। क्रिकेट में ऐसी चीज़ें होती रहती हैं, लेकिन जिस तरह से टीम ने संघर्ष किया, वह बहुत सकारात्मक था।”

मैदान पर कप्तान जेमिमा रोड्रिग्स से मिले सहयोग को लेकर नंदिनी ने कहा,“जेमी मुझे लगातार अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए कह रही थीं। वह हर गेंद पर मुझे गाइड कर रही थीं, जिससे मुझे काफ़ी मदद मिली और मैं शांत रह पाई।”

टीम के अनुभवी खिलाड़ियों से मिले मार्गदर्शन पर बात करते हुए उन्होंने कहा,“मारीज़ान काप ने मेरी बहुत मदद की है। वह पिच, मैच की स्थिति और किस लेंथ पर गेंदबाज़ी करनी है, इस बारे में मुझसे बात करती हैं। इतने अनुभवी खिलाड़ी का साथ होना चीज़ों को आसान बना देता है।”

अपने क्रिकेट सफ़र के बारे में नंदिनी ने कहा,“मेरे बड़े भाई क्रिकेट खेलते थे और रोज़ अकादमी जाते थे, वहीं से मैंने भी शुरुआत की। मैं आठ साल की उम्र में जुड़ी, लेकिन छोटी होने की वजह से शुरुआत में ज़्यादा मौके नहीं मिले। कुछ समय के लिए मैंने खेल छोड़ दिया, लेकिन छह महीने बाद फिर से शुरू किया। बाद में एक कोच के साथ अभ्यास किया, जिन्होंने मुझे ख़ास तौर पर बाउंसर डालना सिखाया। लॉकडाउन के बाद मैंने कोच बदला और लड़कों के साथ खेलना शुरू किया। वे गेंद को आसानी से खेल लेते थे, जिससे मुझे अपनी गति और वैरिएशंस पर काम करने की ज़रूरत महसूस हुई। पिछले एक साल से मैं ज़्यादातर अपने माता-पिता और भाई के साथ अभ्यास कर रही हूं और उन्होंने मुझे भरपूर समय और समर्थन दिया है।”

इस स्तर पर मिलने वाली सीख पर उन्होंने कहा,“यहां बल्लेबाज़ अच्छी गेंदों पर भी शॉट खेल लेते हैं, इसलिए आपको शांत रहकर अपने एग्ज़ीक्यूशन पर ध्यान देना होता है। मैंने बल्लेबाज़ और स्थिति के हिसाब से गेंदबाज़ी करना सीखा है और हर मैच कुछ नया सिखाता है।”

युवा तेज़ गेंदबाज़ों के लिए डब्ल्यूपीएल को बड़ा मंच बताते हुए नंदिनी ने कहा,“यह टूर्नामेंट युवा खिलाड़ियों को खुद को अभिव्यक्त करने का मौका देता है। मुश्किल दौर, चोटें और ऐसे पल आएंगे जब चीज़ें आपके पक्ष में नहीं होंगी, लेकिन आपको लड़ते रहना है और कभी हार नहीं माननी है।”

दिल्ली कैपिटल्स अब महिला प्रीमियर लीग 2026 के अपने अगले मुकाबले में बुधवार, 14 जनवरी को यूपी वॉरियर्ज़ से भिड़ेगी, जहां टीम अब तक मिले सकारात्मक अनुभवों को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगी।

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