टीचरों के लिए अनिवार्य टीईटी मामले का होगा समाधान! शिक्षा मंत्री ने एनसीटीई को दिए निर्देश

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सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2025 में अपने एक फैसले से सभी शिक्षकों के लिए टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (टेट) पास करना अनिवार्य कर दिया था. ऐसा ना करने से शिक्षकों की नौकरी पर संकट आ सकता है. इस वजह से देशभर में शिक्षक परेशान हैं. कई वर्षों से पढ़ा रहे ये शिक्षक टेट पास करने की तैयारी कर रहे हैं. वहीं इस अवसाद की वजह से शिक्षकों की आत्महत्या के मामले भी सामने आ चुके हैं. इस मामले में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (एबीआरएसएम) के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की है.

एबीआरएसएम प्रतिनिधिमंडल ने टीईटी की अव्यवहारिकता से केंद्रीय शिक्षा मंत्री को अवगत कराया है. इस पर शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान ने एनसीटीई को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए हैं.आइए इस मामले को विस्तार से जानते हैं.

टेट की अनिवार्यता से 12 लाख शिक्षक प्रभावित
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंंडल में एबीआरएसएम के अध्यक्ष प्रो. नारायण लाल गुप्ता, महासचिव प्रो. गीता भट्ट, संगठन मंत्री महेंद्र कपूर समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे. प्रो गीता भट्ट ने बताया कि टेट अनिवार्य किए जाने के फैसले को अगर पूर्वव्यापी रूप से लागू किया गया, तो इससे देशभर के लगभग 12 लाख शिक्षकों की सेवा-सुरक्षा, वरिष्ठता, पदोन्नति तथा आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है.

एनसीटीई के 2010 के नोटिफिकशन में टेट से छूट
एबीआरएसएम की महासचिव प्रो. गीता भट्ट ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के सामने कुछ फैक्ट रखे हैं, जिसमें शिक्षा मंत्री के संज्ञान में एनसीटीई का 23 अगस्त 2010 का नोटिफिकेशन लाया गया है. उन्हाेंने बताया कि इस नोटिफिकेशन में स्पष्ट किया गया है कि कक्षा पहली से 8वीं तक के शिक्षकों की न्यूनतम योग्यता नोटफिकेशन जारी होने के बाद से प्रभावी होंगी. इससे पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टेट से छूट रहेगी. उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री से निवेदन किया है कि उस समय प्रचलित वैध शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यताओं के अंतर्गत नियुक्त होकर वर्षों से सेवा दे रहे अनुभवी शिक्षकों पर इस निर्णय को पूर्वव्यापी रूप से लागू करना न्यायसंगत नहीं होगा.

एनसीटीई को शिक्षा मंत्री ने दिए निर्देश
एबीआरएसएम की महासचिव प्रो. गीता भट्ट ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने साथ ही केंद्रीय शिक्षा से यह अनुरोध किया कि वे इस विषय में हस्तक्षेप कर निर्णय को केवल भावी रूप से लागू किए जाने, अधिसूचना से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की वरिष्ठता, गरिमा की रक्षा किए जाने तथा शिक्षकों को संभावित सेवा-समाप्ति एवं पदोन्नति से वंचित किए जाने से बचाने हेतु आवश्यक विधिक एवं प्रशासनिक कदम उठाए जाने की दिशा में पहल करें.

उन्होंने बताया कि इस परशिक्षा मंत्री ने टेट के संबंध में एबीआरएसएम प्रतिनिधिमंडल की तरफ से प्रस्तुत दस्तावेजों एवं तथ्यों को गंभीरता से समझते हुए एनसीटीई अध्यक्ष एवं संबंधित अधिकारियों को इस विषय में समुचित एवं आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए है.

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