ढाका (बांग्लादेश)। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष खालिदा जिया का आज सुबह निधन हो गया। उन्होंने 80 वर्ष की आयु में सुबह छह बजे अंतिम सांस ली। यह घोषणा बीएनपी मीडिया सेल ने अपने ऑफिशियल फेसबुक पेज पर की।
ढाका ट्रिब्यून अखबार ने यह जानकारी दी। इससे पहले रात को खालिदा जिया के इलाज के लिए गठित चिकित्सा बोर्ड के सदस्य और बीएनपी स्थायी समिति के सदस्य एजेडएम जाहिद हुसैन ने पत्रकारों को बताया था कि उनकी हालत बिगड़ गई है। डॉ. जाहिद ने राजधानी ढाका के एवरकेयर अस्पताल के मुख्य गेट पर रात करीब 2:15 बजे पत्रकारों से कहा था, “पूर्व प्रधानमंत्री इस समय बहुत ही नाज़ुक दौर से गुजर रही हैं।” सनद रहे, खालिदा जिया को 23 नवंबर को एवरकेयर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। खालिदा के बेटे तारिक रहमान हाल ही में करीब 17 साल बाद लंदन से बांग्लादेश लौटे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने खालिदा जिया के निधन पर शोक जताया
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष बेगम खालिदा जिया के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने इसे बांग्लादेश के लिए अपूरणीय क्षति बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके निधन की खबर से वे अत्यंत दुखी हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शोक संदेश में बेगम खालिदा जिया के परिवार और बांग्लादेश के लोगों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि ईश्वर उनके परिवार को इस कठिन समय में दुख सहने की शक्ति प्रदान करे।
उन्होंने कहा कि बेगम खालिदा जिया ने बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में देश के राजनीतिक और विकासात्मक इतिहास में अहम भूमिका निभाई। भारत-बांग्लादेश संबंधों के सुदृढ़ीकरण में भी उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2015 में ढाका में बेगम खालिदा जिया से हुई अपनी मुलाकात को भी याद किया और कहा कि उनकी सोच और विरासत भारत-बांग्लादेश साझेदारी को आगे दिशा देती रहेगी। प्रधानमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
प्रधानमंत्री मोदी ने उनके परिवार और बांग्लादेश की जनता के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें 2015 में ढाका में बेगम खालिदा जिया से हुई मुलाकात सदा स्मरण रहेगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि बेगम खालिदा जिया की विरासत और दृष्टिकोण दोनों देशों के बीच सहयोग और साझेदारी को आगे बढ़ाने में मार्गदर्शक बने रहेंगे। प्रधानमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की।





