भागलपुर शिक्षा विभाग में बड़ा वेतन घोटाला, 1.22 करोड़ रुपये की गड़बड़ी, 4 नवंबर तक राशि लौटाने का अल्टीमेटम

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—करीब 350 शिक्षकों को एक ही महीने में कई बार हुआ वेतन और भत्तों का भुगतान; भागलपुर-बांका में 1.22 करोड़ रुपये की अतिरिक्त निकासी का मामला, अब तक 67.61 लाख की वसूली

भागलपुर, 03 नवंबर। बिहार के भागलपुर जिले के शिक्षा विभाग में वेतन निकासी और प्रबंधन से जुड़ी गंभीर गड़बड़ी सामने आई है। पिछले तीन वर्षों के दौरान जिले के करीब 350 शिक्षकों को एक ही महीने में कई बार वेतन, मकान किराया भत्ता, परिवहन भत्ता और बकाये का दोहरा भुगतान किए जाने का मामला उजागर हुआ है। विभागीय जांच में खुलासा होने के बाद जिला शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। सभी चिन्हित शिक्षकों को 4 नवंबर 2026 तक अतिरिक्त राशि सरकारी कोष में लौटाने का अल्टीमेटम दिया गया है। निर्धारित समय सीमा तक राशि जमा नहीं करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की चेतावनी दी गई है।

भागलपुर और बांका में 1.22 करोड़ रुपये की अतिरिक्त निकासी

शिक्षा विभाग की जांच के अनुसार, भागलपुर और बांका जिले को मिलाकर कुल 1.22 करोड़ रुपये के अतिरिक्त भुगतान का मामला सामने आया है। विभाग की कार्रवाई के बाद अब तक 67.61 लाख रुपये की वसूली की जा चुकी है। शेष राशि की वसूली के लिए भी प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

स्थापना शाखा ने करीब 350 शिक्षकों की प्रखंडवार सूची तैयार कर संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को सत्यापन के लिए भेजी है। बीईओ को शिक्षकों के सेवा अभिलेख और बैंक स्टेटमेंट का मिलान कर वास्तविक अतिरिक्त भुगतान का पता लगाने का निर्देश दिया गया है।

किसी को एक महीने में चार तो किसी को छह बार हुआ भुगतान

वेतन प्रबंधन प्रणाली में हुई गड़बड़ी के कुछ उदाहरण भी सामने आए हैं। पीरपैंती प्रखंड के शिक्षक अरुण कुमार रजक को जुलाई 2025 में एक महीने के भीतर चार बार वेतन भेजा गया। गोपालपुर प्रखंड के शिक्षक रवि रौशन झा को फरवरी से अप्रैल 2024 के बीच चेक के माध्यम से कुल छह बार भुगतान किया गया। वहीं, शिक्षक आलोक कुमार चौधरी को भी जुलाई 2025 में चार अलग-अलग किस्तों में वेतन जारी कर दिया गया।

शिक्षकों का सवाल- कितनी राशि लौटानी है, यह स्पष्ट नहीं

विभाग की ओर से राशि लौटाने के लिए अल्टीमेटम जारी किए जाने के बाद शिक्षकों ने प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। प्रभावित शिक्षकों का कहना है कि उन्हें स्पष्ट रूप से यह जानकारी नहीं दी गई है कि उनके खाते में कितनी अतिरिक्त राशि आई और उन्हें कुल कितनी रकम वापस करनी है।

शिक्षक संघ के नेताओं ने मांग की है कि विभाग पहले प्रखंड स्तर पर शिविर लगाए या प्रत्येक शिक्षक को लिखित नोटिस देकर वसूली की जाने वाली राशि की जानकारी दे। इससे शिक्षक बिना किसी भ्रम के निर्धारित रकम जमा कर सकेंगे।

शिक्षक संघ ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की

शिक्षक संघ का आरोप है कि वेतन भुगतान में इस तरह की गड़बड़ी स्थापना शाखा और कंप्यूटर ऑपरेटरों की भूमिका की जांच के बिना स्पष्ट नहीं हो सकती। संघ ने कहा कि तकनीकी खामी या लिपिकीय गलती की सजा शिक्षकों को नहीं दी जानी चाहिए। वेतन जारी करने की प्रक्रिया से जुड़े वास्तविक जिम्मेदार अधिकारियों और बैंक कर्मियों की भूमिका की भी जांच कर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की गई है।

बैंक ड्राफ्ट या चालान से लौटानी होगी राशि

जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के आदेश के अनुसार, जिन नियोजित, विशिष्ट, माध्यमिक या विद्यालय अध्यापकों को निर्धारित वेतन से अधिक भुगतान हुआ है, उन्हें 4 नवंबर तक डीपीओ स्थापना, भागलपुर के नाम से बैंक ड्राफ्ट या चालान के माध्यम से अतिरिक्त राशि जमा करानी होगी।

वर्तमान में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को सेवा अभिलेख और बैंक स्टेटमेंट का मिलान कर प्रत्येक शिक्षक से वसूली जाने वाली वास्तविक राशि निर्धारित करने का निर्देश दिया गया है। विभाग ने तय समय में राशि वापस नहीं करने वाले शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की चेतावनी दी है।

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