—मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर की घटना का वीडियो वायरल, सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटा प्रशासन; डॉग स्क्वायड की मदद से नवजात के शव की तलाश
पलामू, 27 अक्टूबर । झारखंड के पलामू जिले स्थित मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एमएमसीएच) परिसर में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक आवारा कुत्ता नवजात शिशु का शव मुंह में दबाकर घूमता दिखाई दिया। इस घटना से अस्पताल में मौजूद कर्मियों और मरीजों के परिजनों के बीच अफरा-तफरी मच गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया। उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत और पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने मौके पर पहुंचकर जांच की।
युवक ने बनाया वीडियो, सोशल मीडिया पर हुआ वायरल
जानकारी के अनुसार, अस्पताल पहुंचे एक युवक ने सबसे पहले कुत्ते को नवजात का शव मुंह में दबाकर परिसर में घूमते देखा। उसने घटना का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
मामले की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया और नवजात के शव का पता लगाने के लिए तत्काल कार्रवाई शुरू की।
डीसी और एसपी ने मौके पर पहुंचकर की जांच
घटना की जांच के लिए उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक सदर एसडीओ संजय पांडे के साथ अस्पताल पहुंचे। उनके साथ अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अजय कुमार, डॉ. आरके रंजन, शहर थाना प्रभारी ज्योति लाल रजवार समेत अन्य अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने अस्पताल परिसर और आसपास के संभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। साथ ही सीसीटीवी फुटेज खंगाली और अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों से घटना के संबंध में जानकारी ली। प्रशासन ने नवजात के शव का जल्द से जल्द पता लगाने का निर्देश दिया।
डीसी ने घटना को बताया दुखद और शर्मनाक
उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने घटना को दुखद और शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए डॉग स्क्वायड की मदद ली जा रही है। टीम मौके पर पहुंचकर नवजात के शव की तलाश में जुटी है।
उन्होंने बताया कि मामले में कार्रवाई के लिए टीम गठित की गई है। आसपास के अस्पतालों की भी जांच की जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त के अनुसार, उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से घटना की जानकारी मिली थी। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

सीसीटीवी फुटेज और डॉग स्क्वायड से तलाश जारी
सदर एसडीओ संजय पांडे और शहर थाना प्रभारी ज्योति लाल रजवार सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच कर रहे हैं। डॉग स्क्वायड की मदद से भी नवजात के शव का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
समाचार लिखे जाने तक शव बरामद नहीं हो सका था। अब जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नवजात का शव कहां से आया और अस्पताल परिसर में कुत्ते तक कैसे पहुंचा। प्रशासन ने मामले में जिम्मेदारी तय करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है।






