पटना, 02 अक्टूबर । देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को पटना के शास्त्रीनगर पार्क में राजकीय समारोह आयोजित किया गया। समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने शास्त्री जी के सादगीपूर्ण जीवन, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के आदर्शों को याद किया। साथ ही उनकी जीवनी और विचारों से प्रेरणा लेते हुए राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव को मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने प्रतिमा पर किया माल्यार्पण
राजकीय समारोह में राज्यपाल सैयद अता हसनैन और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शास्त्रीनगर पार्क स्थित लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
दोनों ने शास्त्री जी के व्यक्तित्व और देश के लिए उनके योगदान को स्मरण किया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।
जनप्रतिनिधियों ने भी अर्पित किए पुष्प
समारोह में प्रदेश के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह विधायक संजय सरावगी, विधायक संजीव चौरसिया, विधान पार्षद डॉ. राजेंद्र प्रसाद गुप्ता और विधान पार्षद रविन्द्र प्रसाद सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी शास्त्री जी की आदमकद प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
इस दौरान उपस्थित लोगों ने देश के दूसरे प्रधानमंत्री के रूप में लाल बहादुर शास्त्री के योगदान और उनके सादगीपूर्ण सार्वजनिक जीवन को याद किया।
आरती-पूजन के बाद प्रस्तुत किए गए देशभक्ति गीत
राजकीय समारोह के दौरान सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के कलाकारों ने आरती-पूजन के बाद विभिन्न देशभक्ति प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों ने राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रगान, बिहार गीत और देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी।
इन प्रस्तुतियों से समारोह स्थल देशभक्ति के भाव से ओत-प्रोत हो गया। उपस्थित लोगों ने भी श्रद्धा के साथ कार्यक्रम में भाग लिया।
सादगी और ईमानदारी के प्रतीक थे शास्त्री जी
समारोह में उपस्थित लोगों ने लाल बहादुर शास्त्री के सादगीपूर्ण जीवन और ईमानदार सार्वजनिक आचरण को याद किया। उनका जीवन राष्ट्रसेवा, अनुशासन और कर्तव्य के प्रति समर्पण का उदाहरण माना जाता है।
कार्यक्रम के माध्यम से शास्त्री जी के विचारों और आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने तथा उनके जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया गया।
राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाने का लिया संकल्प
राजकीय समारोह में शास्त्री जी की जीवनी और उनके आदर्शों को स्मरण करते हुए राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया। वक्ताओं और उपस्थित लोगों ने कहा कि देश के महान नेताओं के जीवन और विचार समाज को हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री को नमन करते हुए उनके बताए आदर्शों पर चलने का संकल्प दोहराया।






