पटना, 01 अक्टूबर । बिहार में मानसून की विदाई के बीच आई बाढ़ ने कई जिलों में तबाही मचा दी है। गंडक और गंगा नदी के बढ़े जलस्तर से सारण, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और पटना समेत कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर तटबंधों में कटाव और टूटने की घटनाओं के बाद बाढ़ का पानी गांवों और निचले इलाकों में फैल गया है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है।
सारण में तटबंध टूटने से कई पंचायतों में फैला पानी
सारण जिले के मकेर प्रखंड में गंडक नदी का तटबंध क्षतिग्रस्त होने के बाद बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। तटबंध टूटने से बड़ी मात्रा में पानी आसपास के इलाकों में फैल गया है। इसके कारण मकेर प्रखंड की सभी पंचायतें और अमनौर प्रखंड की कुछ पंचायतें प्रभावित हुई हैं। पानी का तेज बहाव अब परसा प्रखंड की ओर भी हो रहा है।
एनएच-722 पर भी पहुंचा बाढ़ का पानी
बाढ़ का पानी कुछ स्थानों पर राष्ट्रीय राजमार्ग-722 (एनएच-722) पर भी चढ़ गया है। इससे आवागमन और कई इलाकों के बीच संपर्क प्रभावित हुआ है। जिला प्रशासन के अनुसार, सारण में 18 पंचायतों के 48 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
प्रशासन के मुताबिक प्रभावित आबादी करीब 24,725 है, जबकि लगभग 4,220 परिवार बाढ़ की चपेट में हैं। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है।
सारण में NDRF और SDRF की टीमें तैनात
सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने बताया कि मकेर में तटबंध टूटने के बाद पानी तेजी से फैल रहा है। प्रभावित पंचायतों में नावें लगाई गई हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम लगातार जारी है।
उन्होंने बताया कि रात से ही प्रशासन की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में NDRF की दो टीमें और SDRF की एक टीम तैनात की गई है।
वैशाली के लालगंज में रिंग बांध में रिसाव और कटाव
वैशाली जिले के लालगंज में भी गंडक के बढ़ते जलस्तर के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है। लालगंज प्रखंड के यूसुफपुर पंचायत के पीरापुर स्थित वार्ड संख्या-5 में कई स्थानों पर रिंग बांध में रिसाव और कटाव की सूचना मिली।
सूचना मिलने के बाद वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह मौके पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि जिन स्थानों पर बांध में रिसाव की सूचना मिल रही है, वहां बोरियों में मिट्टी भरकर रिसाव रोकने और बांध को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
संवेदनशील स्थानों पर प्रशासन की लगातार निगरानी
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन की टीमें संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी कर रही हैं। बांध की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आवश्यकता के अनुसार तत्काल बचाव कार्य किया जा रहा है।
मुजफ्फरपुर के पारू में नारायणी गंडक का तटबंध टूटा
मुजफ्फरपुर जिले के पारू प्रखंड में भी गंडक नदी के बढ़े जलस्तर के बीच बाढ़ का संकट गहरा गया है। जयमल डुमरी इलाके में नारायणी गंडक नदी का तटबंध टूट गया, जिसके बाद बाढ़ का पानी तेजी से आसपास के गांवों और निचले इलाकों में फैलने लगा।
अचानक पानी फैलने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। कई परिवार घर छोड़कर ऊंचे और सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं।
तटबंध पर बढ़ते दबाव के बीच टूटा बांध
स्थानीय लोगों के अनुसार, गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया था। कई स्थानों पर तटबंध के ऊपर से भी पानी बह रहा था। लगातार बढ़ते जलदबाव के बीच जयमल डुमरी में तटबंध टूट गया, जिसके बाद आसपास के क्षेत्रों में तेजी से पानी फैलने लगा।
ग्रामीणों ने तटबंध की समय पर मरम्मत और निगरानी नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए प्रशासन के प्रति नाराजगी भी जताई है। उनका कहना है कि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाते तो स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता था।
अधिकारी मौके पर पहुंचे, राहत-बचाव शुरू
तटबंध टूटने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। तिरहुत आयुक्त गिरवर दयाल सिंह ने तटबंध टूटने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही जिलाधिकारी, एसडीएम वेस्ट, सीओ और बीडीओ समेत संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।
प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है।
पश्चिम चंपारण में गंडक ने बनाया नया उच्चतम स्तर
पश्चिम चंपारण में भी गंडक नदी के अचानक बढ़े जलस्तर ने बाढ़ की स्थिति को और गंभीर कर दिया है। बगहा गेज पर नदी का जलस्तर अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। बताया गया है कि यह स्तर 2024 में दर्ज पिछले उच्चतम स्तर से भी अधिक है।
जलस्तर में इस भारी उछाल से तटबंधों पर दबाव बढ़ गया है और कई निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। इससे राहत और पुनर्वास कार्य में जुटी एजेंसियों के सामने भी नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।
पटना में फिर खतरे के निशान से ऊपर गंगा
बाढ़ का असर पटना में भी दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को पटना के विभिन्न गंगा घाटों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नदी के जलस्तर और बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया।
पटना में गंगा एक बार फिर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से स्थिति पर लगातार नजर रखने और जरूरत के मुताबिक राहत एवं बचाव कार्य करने को कहा।
मुख्यमंत्री बोले- गंगा और गंडक ने बनाया रिकॉर्ड
गंगा घाटों के निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि मौजूदा स्थिति में अभी और सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस बार गंगा और गंडक दोनों नदियों में रिकॉर्ड स्तर पर पानी आया है। उन्होंने बताया कि सोन नदी में भी पानी उच्चतम स्तर तक पहुंचा था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में इस साल मानसून के दौरान 32 प्रतिशत कम बारिश हुई है, इसके बावजूद नदियों में जलस्तर का यह हाल है। उन्होंने बाढ़ की स्थिति को चिंताजनक बताते हुए कहा कि सरकार प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए पूरी तरह जुटी हुई है।
वायुसेना से भी मांगी गई मदद
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने वायुसेना से भी मदद मांगी है। प्रशासन का प्रयास है कि बाढ़ से प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाई जाए और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।
गंडक और गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन ने संवेदनशील जिलों में राहत, बचाव और निगरानी अभियान तेज कर दिया है। तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम जारी है।






