पश्चिम चंपारण (बगहा), 26 सितंबर। नेपाल के तराई क्षेत्रों और बिहार के सीमावर्ती इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण गंडक नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। बाढ़ प्रबंधन सुधार सहायक केंद्र, पटना से प्राप्त आधिकारिक सूचना के अनुसार, 26 सितंबर को वाल्मीकिनगर बराज से 3.53 लाख से 3.81 लाख क्यूसेक तक जलस्राव होने की प्रबल संभावना है। इसे देखते हुए पश्चिम चंपारण जिला प्रशासन ने निचले और तटीय इलाकों में संभावित बाढ़ को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है।
निचले इलाकों में जलप्लावन की आशंका
जिला प्रशासन के अनुसार, गंडक में भारी जलस्राव के कारण नदी के आसपास के निचले क्षेत्रों में जलप्लावन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन की ओर से नदी और संवेदनशील इलाकों की 24 घंटे निगरानी की जा रही है।
जिला पदाधिकारी के निर्देश पर संबंधित विभागों, कार्यपालक अभियंताओं, अंचलाधिकारियों और आपदा मोचन टीमों को पूरी तरह सतर्क रहने को कहा गया है। तटबंधों की सुरक्षा व्यवस्था और गश्ती भी बढ़ा दी गई है।
तटबंधों और नदी किनारे के क्षेत्रों पर विशेष नजर
प्रशासन की टीमें तटबंधों के साथ-साथ नदी किनारे बसे इलाकों और निचले क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं। जलस्तर में अचानक वृद्धि की स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए आवश्यक संसाधनों और बचाव दलों को तैयार रखा गया है।
नदी किनारे और तटबंधों के आसपास रहने वाले लोगों को जलस्तर बढ़ने की स्थिति में पूर्व-चिह्नित सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है।
नदी और जलजमाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें
जिला प्रशासन ने आम लोगों से नदी, नहर, जलजमाव वाले क्षेत्रों और अत्यधिक निचले इलाकों में अनावश्यक आवागमन नहीं करने की अपील की है। लोगों से विशेष सावधानी बरतने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
अफवाहों से बचने की अपील
प्रशासन ने सोशल मीडिया या अन्य अनधिकृत माध्यमों से प्रसारित होने वाली अफवाहों से बचने की अपील की है। लोगों से केवल जिला प्रशासन और अन्य अधिकृत स्रोतों से जारी सूचनाओं पर भरोसा करने को कहा गया है।
आपात स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क
किसी भी आपात स्थिति में जिला आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क किया जा सकता है।
जिला आपदा नियंत्रण कक्ष:
☎️ 06254-247002
☎️ 06254-247003
जिला प्रशासन ने कहा है कि संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने और जन-धन की सुरक्षा के लिए आवश्यक एहतियाती उपाय किए जा रहे हैं तथा संबंधित विभागों और बचाव टीमों को अलर्ट मोड में रखा गया है।






