सुपौल, 24 सितंबर । बिहार के सुपौल जिला मुख्यालय स्थित जिला परिवहन कार्यालय (डीटीओ) में गुरुवार दोपहर निगरानी विभाग की टीम ने छापेमारी कर एक डेटा ऑपरेटर को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। गिरफ्तार डेटा ऑपरेटर की पहचान नंदलाल कुमार के रूप में हुई है। कार्रवाई के बाद डीटीओ कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया।
कार के रजिस्ट्रेशन ट्रांसफर के एवज में मांगी थी रिश्वत
निगरानी विभाग के अनुसार, ललितग्राम निवासी मो. अजहर अली ने रिश्वत मांगे जाने की शिकायत पटना स्थित निगरानी विभाग से की थी। आरोप है कि दिल्ली नंबर की एक कार को बिहार नंबर में ट्रांसफर कराने के एवज में डेटा ऑपरेटर नंदलाल कुमार ने 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने आरोपों का सत्यापन कराया। मामला सही पाए जाने के बाद टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई की और गुरुवार को डीटीओ कार्यालय पहुंचकर डेटा ऑपरेटर को रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया।
कार्यालय में मची अफरा-तफरी
निगरानी टीम के डीटीओ कार्यालय पहुंचते ही वहां मौजूद कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ की और कार्यालय में मौजूद दस्तावेजों एवं रिकॉर्ड की भी जांच की।
कार्रवाई के दौरान कार्यालय में लोगों की आवाजाही पर भी निगरानी टीम की नजर रही। गिरफ्तार डेटा ऑपरेटर से पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
नौ सदस्यीय टीम ने की कार्रवाई
निगरानी डीएसपी विंध्याचल प्रसाद ने बताया कि दिल्ली नंबर की एक कार को बिहार नंबर में तब्दील करने के एवज में डेटा ऑपरेटर द्वारा 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। आवेदक अजहर अली ने रिश्वत देने के बजाय निगरानी विभाग, पटना में शिकायत दर्ज कराई थी।
उन्होंने बताया कि शिकायत मिलने के बाद आरोपों का सत्यापन किया गया। मामला सत्य पाए जाने पर धावा दल का गठन किया गया। इसके बाद डेटा ऑपरेटर नंदलाल कुमार को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया।
निगरानी डीएसपी के अनुसार, कार्रवाई करने वाली टीम में इंस्पेक्टर राजेश कुमार, सब इंस्पेक्टर राकेश कुमार निराला समेत नौ सदस्य शामिल थे।






