मुजफ्फरपुर, 14 सितंबर । बिहार के मुजफ्फरपुर में डकैती की योजना बनाने के मामले में गवाही के लिए लगातार अदालत में उपस्थित नहीं होने पर न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है। एडीजे-11 की अदालत ने चार दारोगा समेत 11 पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ गैर जमानतीय वारंट (NBW) जारी किया है। अदालत ने सभी को गिरफ्तार कर 28 अक्टूबर तक न्यायालय में पेश करने का निर्देश दिया है।
सरैया थानेदार और एसएसपी कार्यालय को भेजा गया वारंट
न्यायालय के आदेश के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया है। कोर्ट की ओर से जारी गैर जमानतीय वारंट सरैया थानेदार और एसएसपी कार्यालय को भेज दिया गया है।
मामले में पुलिसकर्मियों को छापेमारी के दौरान बरामद हथियार और अन्य साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत करने के साथ अपनी गवाही भी दर्ज करानी थी।
2018 में डकैती की योजना की सूचना पर हुई थी छापेमारी
पूरा मामला सरैया थाना क्षेत्र से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, 17 सितंबर 2018 की रात करीब साढ़े नौ बजे सूचना मिली थी कि मनिकपुर स्थित भगत सिंह उच्च विद्यालय के मैदान में कुछ अपराधी डकैती की योजना बना रहे हैं।
सूचना के आधार पर सरैया थाने की पुलिस टीम ने विद्यालय मैदान में छापेमारी की। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान राहुल कुमार यादव उर्फ क्रांति यादव, मो. अंजार और मुकेश कुमार राम को गिरफ्तार किया गया था।
तीन आरोपित मौके से फरार हो गए थे
पुलिस के अनुसार, छापेमारी के दौरान अनिल कुमार, गुड्डू सहनी और राजेश राय मौके से फरार होने में सफल रहे थे। मामले में इन छह लोगों को आरोपित बनाया गया था।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों के पास से लोडेड देसी पिस्तौल और कारतूस बरामद करने का दावा किया था। बरामदगी के बाद सरैया थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई और गिरफ्तार आरोपितों को जेल भेज दिया गया।
न्यायालय में चल रहा है मामले का ट्रायल
फिलहाल मामले की सुनवाई न्यायालय में चल रही है। ट्रायल के दौरान छापेमारी में शामिल पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को अदालत में गवाही देनी थी। साथ ही पुलिस द्वारा जब्त हथियार और अन्य साक्ष्यों को भी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाना था।
समन के बावजूद कोर्ट में नहीं पहुंचे पुलिसकर्मी
अदालत के समक्ष कई तारीखों पर गवाही के लिए संबंधित पुलिसकर्मी उपस्थित नहीं हुए। जब्त साक्ष्य भी न्यायालय में पेश नहीं किए गए। इस पर न्यायालय ने 8 मई 2025 को संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ समन जारी किया था।
समन जारी होने के बावजूद जब पुलिसकर्मी अदालत में उपस्थित नहीं हुए तो न्यायालय ने अगला कदम उठाया।
जमानतीय वारंट के बाद भी नहीं हुई पेशी
20 अगस्त 2026 को न्यायालय ने संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ जमानतीय वारंट जारी किया था। इसके बावजूद उनकी अदालत में पेशी नहीं हुई।
लगातार अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए एडीजे-11 की अदालत ने बीते गुरुवार को सभी 11 पुलिसकर्मियों के खिलाफ गैर जमानतीय वारंट जारी किया और गिरफ्तारी का आदेश दिया।
इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश
अदालत की कार्रवाई की जद में सरैया थाने में तैनात दारोगा मो. अलाउद्दीन, शत्रुघ्न सहनी, योगेंद्र कुमार सिंह और जांच अधिकारी (आईओ) अनिल कुमार शामिल हैं।
इसके अलावा बीएमपी के हवलदार संजय शर्मा, सिपाही अभय कुमार सिंह, अजहर खान, राहुल कुमार और परिचारी चालक राधाकांत प्रसाद समेत कुल 11 पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया गया है।
अदालत ने सभी को गिरफ्तार कर 28 अक्टूबर तक न्यायालय में पेश करने का निर्देश दिया है।






