झारखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, 6 माह में दोबारा होगी JET परीक्षा; JPSC अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति 2 माह में पूरी करने का सख्त आदेश

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रांची, 11 सितंबर। झारखंड हाई कोर्ट ने उच्च शिक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े दो अहम मामलों में महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने झारखंड पात्रता परीक्षा (JET) को दोबारा आयोजित करने तथा झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के अध्यक्ष और सदस्यों के रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश राज्य सरकार को दिया है।

अदालत ने राज्य सरकार को JET के लिए JPSC को नए सिरे से अधियाचना भेजने को कहा है। अधियाचना मिलने के छह महीने के भीतर परीक्षा आयोजित कर अंतिम परिणाम जारी करने का निर्देश दिया गया है। वहीं, JPSC के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति प्रक्रिया दो महीने के भीतर पूरी करने को कहा गया है।

छह महीने में दोबारा आयोजित होगी JET परीक्षा

झारखंड हाई कोर्ट के अधिवक्ता धीरज कुमार के अनुसार, विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसरों और शिक्षकेतर कर्मचारियों के नियमित पदों पर सीधी नियुक्ति के बजाय संविदा के आधार पर सेवाएं लिए जाने के खिलाफ अनिकेत ओहदार और अन्य की ओर से जनहित याचिका दायर की गई थी।

इस याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि JPSC को JET आयोजित करने के लिए नए सिरे से अधियाचना भेजी जाए। अधियाचना प्राप्त होने के बाद आयोग को छह महीने के भीतर परीक्षा आयोजित कर उसका अंतिम परिणाम घोषित करना होगा।

2024 में प्रक्रिया आगे बढ़ी, फिर रद्द हो गया था विज्ञापन

सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि वर्ष 2024 में JET परीक्षा की मॉडल उत्तर कुंजी जारी कर अभ्यर्थियों से आपत्तियां मांगी जा रही थीं। इसी दौरान JPSC के अध्यक्ष के इस्तीफे और तकनीकी अड़चनों के कारण परीक्षा प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।

बाद में राज्य सरकार ने JET का विज्ञापन ही रद्द कर दिया। चूंकि विज्ञापन रद्द करने के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती नहीं दी गई थी, इसलिए अदालत ने अब सरकार को नए सिरे से पूरी प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है।

JPSC के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति पर भी सख्ती

हाई कोर्ट ने JPSC के अध्यक्ष और सदस्यों के रिक्त पदों को लेकर भी राज्य सरकार को स्पष्ट समयसीमा दी है। यह मामला राज्य के वन विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी से संबंधित अदालत के स्वतः संज्ञान वाले मामले की सुनवाई के दौरान सामने आया।

मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने आयोग में शीर्ष पदों के रिक्त रहने पर चिंता जताते हुए राज्य सरकार को दो महीने के भीतर अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया।

18 नवंबर तक अनुपालन रिपोर्ट पेश करने का आदेश

अदालत ने राज्य सरकार को नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के संबंध में 18 नवंबर 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के महाधिवक्ता रोहित राय और अधिवक्ता विभोर मयंक ने अदालत को आश्वस्त किया कि सरकार दो महीने के भीतर JPSC के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर लेगी।

JPSC की कार्यप्रणाली को गति मिलने की उम्मीद

हाई कोर्ट के इन निर्देशों से JET परीक्षा की लंबित प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने का रास्ता साफ हुआ है। वहीं, JPSC में अध्यक्ष और सदस्यों के रिक्त पदों पर नियुक्ति से आयोग के कामकाज को भी गति मिलने की उम्मीद है। अदालत ने दोनों मामलों में समयसीमा तय कर सरकार और आयोग की जिम्मेदारी स्पष्ट कर दी है।

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