सुपौल, 08 सितंबर । सदर थाना क्षेत्र के बसबिट्टी वार्ड नंबर-19 स्थित जामियअतुस सालिहात एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा संचालित निजी मदरसे में मिठाई और समोसा खाने के बाद चार छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सभी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान 10 वर्षीय छात्रा अल्फिशा की मौत हो गई। अन्य छात्राओं का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
मां मिलने पहुंची थीं, साथ में लाई थीं मिठाई-समोसा
मृत छात्रा की पहचान नेमुआ निवासी कमरे आलम की पुत्री अल्फिशा के रूप में हुई है। बताया गया है कि अल्फिशा करीब डेढ़ से दो वर्षों से मदरसे के परिसर में रहकर पढ़ाई कर रही थी।
सोमवार को उसकी मां उससे मिलने मदरसा पहुंची थीं। बताया गया कि वह बच्ची के लिए मिठाई और समोसा लेकर आई थीं। मां के वापस लौटने के बाद अल्फिशा समेत चार छात्राओं ने उक्त खाद्य पदार्थ खाया। कुछ ही देर बाद चारों की तबीयत बिगड़ने लगी और वे बेहोश हो गईं।
चार छात्राओं की अचानक बिगड़ी तबीयत
बीमार छात्राओं में आफिया, सहाना खातून, हलीमा सादिया और अल्फिशा शामिल बताई गई हैं। छात्राओं की तबीयत बिगड़ने के बाद मदरसा परिसर में अफरा-तफरी मच गई। प्रबंधन ने आनन-फानन में सभी को इलाज के लिए निजी अस्पताल पहुंचाया।
इलाज के दौरान अल्फिशा की हालत गंभीर हो गई और उसकी मौत हो गई। अन्य छात्राओं के अलग-अलग अस्पतालों में उपचाररत होने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस ने मदरसा पहुंचकर की पूछताछ
छात्रा की मौत की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मदरसा परिसर पहुंची। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मदरसा संचालक, शिक्षकों तथा अन्य लोगों से पूछताछ की। सदर एसडीपीओ ने भी प्रबंधन से घटना की जानकारी ली।
एक साथ चार छात्राओं की तबीयत बिगड़ने के कारण पुलिस खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता समेत कई बिंदुओं पर जांच कर रही है।
फूड प्वाइजनिंग की आशंका, रिपोर्ट का इंतजार
प्रारंभिक तौर पर घटना के फूड प्वाइजनिंग से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि चिकित्सकीय जांच और रिपोर्ट आने के बाद ही छात्रा की मौत तथा अन्य छात्राओं की तबीयत बिगड़ने के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा।
एसडीएम ने मदरसे की व्यवस्थाओं का लिया जायजा
घटना की गंभीरता को देखते हुए सदर एसडीएम मनोहर कुमार साहु भी एसडीपीओ और थाना प्रभारी राम सेवक रावत के साथ मदरसा पहुंचे। उन्होंने प्रबंधन और वहां मौजूद लोगों से घटना की जानकारी ली। साथ ही छात्राओं के रहने, पढ़ाई और अन्य व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।
शिक्षा विभाग की टीम भी कर रही जांच
जिलाधिकारी सावन कुमार के निर्देश पर शिक्षा विभाग की टीम ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। एसडीएम मनोहर साहु ने बताया कि मदरसे में बड़ी संख्या में छात्राएं आवासीय रूप से रहकर पढ़ाई करती हैं। एक छात्रा की मौत हुई है, जबकि अन्य छात्राएं अस्पताल में भर्ती हैं। प्रशासन की ओर से अस्पतालों में भर्ती छात्राओं के स्वास्थ्य की जानकारी भी ली जा रही है।






