एसआईआर पर भाजपा का बड़ा वार, चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप; अधिकारी की राजनीतिक बैठक से फॉर्म-7 विवाद तक उठाए सवाल

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रांची, 04 सितंबर । भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद के नेतृत्व में पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया से जुड़ी कथित अनियमितताओं और शिकायतों को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने बरहेट में सरकारी अधिकारी की राजनीतिक बैठक में मौजूदगी, बीएलओ द्वारा फॉर्म-7 स्वीकार नहीं किए जाने, बीएलए-2 और नागरिकों के अधिकारों में कथित बाधा तथा एसआईआर के दौरान ऑफलाइन प्रमाण-पत्र जारी किए जाने जैसे मुद्दे उठाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की।

बरहेट में राजनीतिक बैठक में अधिकारी की मौजूदगी पर सवाल

ज्ञापन में साहिबगंज के बरहेट प्रखंड में तीन सितंबर को आयोजित झारखंड मुक्ति मोर्चा की बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-अंचलाधिकारी-सह-एईआरओ अंशु कुमार पाण्डेय की कथित मौजूदगी को गंभीर मामला बताया गया है।

भाजपा ने कहा है कि निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े किसी अधिकारी की राजनीतिक दल की बैठक में मौजूदगी एसआईआर की निष्पक्षता और प्रशासनिक तटस्थता पर सवाल खड़े करती है। पार्टी ने बैठक की तस्वीरें भी ज्ञापन के साथ संलग्न की हैं और मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

उधवा की शिकायत का भी दिया हवाला

ज्ञापन में कहा गया है कि साहिबगंज के उधवा प्रखंड में इससे पहले एसआईआर प्रक्रिया के दौरान सरकारी कर्मचारियों की भूमिका को लेकर शिकायत सामने आई थी, जिसके बाद जांच और कार्रवाई की गई थी। भाजपा ने बरहेट की घटना को भी गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की जांच कराने और प्रशासनिक अधिकारियों की राजनीतिक गतिविधियों में कथित संलिप्तता पर रोक सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।

फॉर्म-7 स्वीकार नहीं करने का आरोप

रांची विधानसभा क्षेत्र में कुछ बीएलओ द्वारा फॉर्म-7 स्वीकार नहीं किए जाने का मामला भी ज्ञापन में प्रमुखता से उठाया गया। भाजपा ने कहा कि एसआईआर के दौरान मतदाता सूची में संभावित मृत, डुप्लीकेट, स्थानांतरित अथवा अपात्र मतदाताओं के नामों के विरुद्ध निर्धारित प्रक्रिया के तहत आपत्ति दर्ज कराना नागरिकों और राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधियों का अधिकार है।

पार्टी के अनुसार, कुछ बूथों पर बीएलए-2 और नागरिकों से फॉर्म-7 स्वीकार नहीं किए जाने की शिकायत सामने आई है। भाजपा ने संबंधित बीएलओ को फॉर्म-7 अनिवार्य रूप से प्राप्त करने के स्पष्ट निर्देश देने और पहले स्वीकार नहीं किए गए फॉर्म-7 भी नियमानुसार लेने की मांग की है।

ऑफलाइन प्रमाण-पत्र जारी करने पर आपत्ति

एसआईआर प्रक्रिया के दौरान जाति, आय, स्थानीय निवासी और ईडब्ल्यूएस प्रमाण-पत्र ऑफलाइन जारी करने के राज्य सरकार के आदेश पर भी भाजपा ने आपत्ति दर्ज कराई है।

ज्ञापन में कहा गया है कि इन प्रमाण-पत्रों का इस्तेमाल मतदाता सूची में नाम जोड़ने के दावों के समर्थन में किया जा सकता है। इसलिए इनके आधार पर प्रस्तुत दावों का समुचित सत्यापन सुनिश्चित करने और एसआईआर प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाने चाहिए।

मतदाताओं की असामान्य वृद्धि की जांच की मांग

भाजपा ने मतदाता सूची के कुछ क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या में हुई कथित असामान्य वृद्धि की भी जांच की मांग की है। पार्टी ने संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों पर मतदाता संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि तथा संभावित मृत, डुप्लीकेट, स्थानांतरित अथवा अपात्र मतदाताओं के नामों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

प्रतिनिधिमंडल में ये नेता रहे शामिल

भाजपा के प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश मंत्री मनीर उरांव, प्रदेश प्रवक्ता मृत्युंजय शर्मा और अनिल सिंह भी शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से एसआईआर प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लेकर निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।

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