कौशांबी, 1 सितंबर : उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण के दौरान हुए भीषण विस्फोट के मामले में पुलिस और प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। हादसे में 11 लोगों की मौत और पांच लोगों के गंभीर रूप से घायल होने के बाद पिपरी थाना क्षेत्र में तैनात रहे तत्कालीन थाना प्रभारियों समेत सात पुलिसकर्मियों को कथित लापरवाही के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं पुलिस ने मंगलवार तड़के मुठभेड़ के बाद अवैध पटाखा फैक्ट्री के मुख्य आरोपी और संचालक नौशाद को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी है।
मुठभेड़ में पैर में लगी गोली, तमंचे के साथ गिरफ्तार
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, 31 अगस्त को सुबह करीब 11:30 बजे पिपरी थाना क्षेत्र के चिल्ला शाहबाजी गांव स्थित मनौरी बाजार में अवैध पटाखा कारखाने में एक के बाद एक जोरदार धमाके हुए थे। हादसे के बाद छह नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
मंगलवार तड़के करीब चार बजे चरवा थाना क्षेत्र के तेरह मील-सैयद सरावां मार्ग पर पुलिस ने मुख्य आरोपी नौशाद की घेराबंदी की। पुलिस के अनुसार, खुद को घिरा देखकर नौशाद ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे अवैध तमंचे के साथ गिरफ्तार कर लिया। घायल आरोपी को इलाज के लिए जिला अस्पताल मंझनपुर में भर्ती कराया गया है।
लाइसेंस निलंबित होने के बाद भी चल रहा था कारोबार
प्रयागराज परिक्षेत्र के आईजी की रिपोर्ट के अनुसार, संबंधित पटाखा कारखाने का लाइसेंस 4 अप्रैल 2024 को ही निलंबित कर दिया गया था। इसके बावजूद वहां कथित तौर पर अवैध रूप से पटाखों का निर्माण और भंडारण जारी रहा।
रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर 2024 में भी आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा गया था। जेल से बाहर आने के बाद उसने कथित तौर पर दोबारा अवैध कारोबार शुरू कर दिया। इस दौरान स्थानीय स्तर पर प्रभावी निगरानी और कार्रवाई नहीं किए जाने के आरोप सामने आए हैं।
ड्यूटी में लापरवाही पर 7 पुलिसकर्मी सस्पेंड
मामले में ड्यूटी के दौरान कथित घोर लापरवाही बरतने के आरोप में प्रयागराज रेंज के पुलिस महानिरीक्षक ने पिपरी थाने और चायल चौकी में तैनात रहे सात पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है।
निलंबित पुलिसकर्मियों में तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक शिवचरण राम, तत्कालीन थानाध्यक्ष विकास सिंह, पूर्व चौकी प्रभारी एवं वर्तमान चरवा थानाध्यक्ष विनय सिंह, उपनिरीक्षक अजीत कुमार सिंह, उपनिरीक्षक अभिषेक गुप्ता, उपनिरीक्षक मनीष पाल और उपनिरीक्षक अमित द्विवेदी शामिल हैं।
धमाकों से फैक्ट्री की इमारत हुई जमींदोज
विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि पटाखा फैक्ट्री की पूरी इमारत मलबे में तब्दील हो गई। आसपास के करीब छह मकान भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए। हादसे के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया था।
पुलिस अब गिरफ्तार मुख्य आरोपी से पूछताछ के आधार पर अवैध पटाखा कारोबार से जुड़े अन्य लोगों और फरार सह-आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है।






