बिश्केक, किर्गिस्तान, 1 सितंबर : किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित 26वें शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे से हाथ मिलाकर अभिवादन किया और कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़ते हुए कुछ देर बातचीत भी की।
ग्रुप फोटो के बाद दोनों नेताओं के बीच बातचीत
शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अन्य सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ ग्रुप फोटो खिंचवाई। इसके बाद दोनों नेता अनौपचारिक बातचीत करते नजर आए। कार्यक्रम स्थल की ओर जाते समय दोनों ने गर्मजोशी से एक-दूसरे का अभिवादन किया।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात अगस्त 2025 में चीन के तियानजिन में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी।
पुतिन समेत कई नेताओं से पीएम मोदी की द्विपक्षीय वार्ता
बिश्केक पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कई देशों के शीर्ष नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर झापारोव और आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिनयान के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री ने बिश्केक में आयोजित वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी हिस्सा लिया और भारतीय खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
एससीओ में 10 सदस्य देश
वर्तमान में शंघाई सहयोग संगठन में 10 सदस्य देश शामिल हैं। इनमें भारत, चीन, रूस, बेलारूस, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं। इसके अलावा संगठन में दो पर्यवेक्षक और 15 संवाद साझेदार देश भी हैं।
भारतीय समुदाय ने किया पीएम मोदी का स्वागत
उज्बेकिस्तान का दौरा पूरा करने के बाद बिश्केक पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी का स्थानीय भारतीय समुदाय ने ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारों के साथ जोरदार स्वागत किया।
यात्रा पर रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री ने कहा था कि भारत वर्ष 2017 से एससीओ का सक्रिय सदस्य है। उन्होंने कहा था कि भारत ‘सुरक्षा, संपर्क और अवसर’ (Security, Connectivity, Opportunity) के आधार पर पूरे क्षेत्र को आतंकवाद, अलगाववाद और कट्टरपंथ से मुक्त कराने की दिशा में लगातार काम कर रहा है।






