सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी खुशखबरी, झारखंड स्वास्थ्य बीमा योजना के लिए 75 करोड़ मंजूर; राज्य के बाहर भी इलाज की सुविधा

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रांची, 25 अगस्त। झारखंड सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 75 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है। यह राशि राज्य स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत खर्च की जाएगी। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।

प्रीमियम के लिए 50 करोड़ रुपये आवंटित

सरकार ने 75 करोड़ रुपये के कुल बजट में से 50 करोड़ रुपये स्वास्थ्य बीमा के प्रीमियम भुगतान के लिए निर्धारित किए हैं। इसमें 30 करोड़ रुपये शहरी स्वास्थ्य सेवाओं और 20 करोड़ रुपये जनजातीय क्षेत्र उप-योजना के तहत आवंटित किए गए हैं।

वहीं, 25 करोड़ रुपये कॉर्पस फंड और योजना से जुड़े अन्य खर्चों के लिए रखे गए हैं।

झारखंड समेत दूसरे राज्यों में भी इलाज की सुविधा

योजना के संचालन की जिम्मेदारी झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी, नामकुम को दी गई है। सोसाइटी आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना की प्रक्रिया के आधार पर अस्पतालों को इस योजना से जोड़ेगी।

योजना में झारखंड के साथ-साथ दूसरे राज्यों के अस्पतालों को भी शामिल किया जाएगा। इससे सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को जरूरत पड़ने पर राज्य के बाहर भी इलाज कराने की सुविधा मिल सकेगी।

कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलेगा स्वास्थ्य बीमा कार्ड

आरोग्य सोसाइटी सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए स्वास्थ्य बीमा कार्ड जारी करेगी। इसके अलावा योजना से जुड़े अस्पतालों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने और लाभार्थियों के इलाज की प्रक्रिया को सुगम बनाने की जिम्मेदारी भी सोसाइटी की होगी।

एकमुश्त दी जाएगी 75 करोड़ की राशि

सरकार के आदेश के अनुसार आवंटित 75 करोड़ रुपये की राशि एकमुश्त झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी को दी जाएगी। निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं, झारखंड को राशि की निकासी और खर्च का अधिकार दिया गया है। राशि डोरंडा कोषागार, रांची से निकाली जाएगी।

हर महीने देनी होगी वित्तीय रिपोर्ट

योजना के तहत खर्च की निगरानी के लिए भी व्यवस्था तय की गई है। आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक को प्रत्येक महीने की 10 तारीख तक योजना की वित्तीय और कार्य प्रगति से संबंधित रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को सौंपनी होगी।

खर्च की गई राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र भी निर्धारित समय पर महालेखाकार और स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराना होगा।

बेहतर इलाज उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य

सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य बीमा योजना के लिए जारी राशि का पारदर्शी और प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित करना है। साथ ही सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा जरूरत पड़ने पर राज्य के बाहर भी इलाज की सुविधा देने की दिशा में योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया गया है।

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