छात्र आंदोलन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने सरकार पर लगाया तानाशाही का आरोप

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पूर्वी सिंहभूम, 16 अगस्त । झारखंड में जारी छात्र आंदोलन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। रविवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उस पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया।

चंपाई सोरेन ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के दिन भी यदि हजारों छात्र अपने घरों से दूर रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन करने को मजबूर हैं, तो इसके लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है।

उन्होंने कहा कि छात्र नियुक्ति प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। जिन परीक्षाओं को लेकर गंभीर सवाल और संदेह सामने आए हैं, उन्हें रद्द कर सीबीआई जांच कराने की मांग करना छात्रों का संवैधानिक अधिकार है। सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

‘मांगों का समाधान करने के बजाय छात्रों पर कार्रवाई’

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब तीन सप्ताह से छात्र आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है। आंदोलन में शामिल छात्रों पर प्राथमिकी दर्ज करने और लाठीचार्ज जैसी कार्रवाई का आरोप लगाते हुए उन्होंने सवाल किया कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है।

चंपाई सोरेन ने कहा कि सरकार को छात्रों की आवाज दबाने के बजाय पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार का कथित परीक्षा धांधली से कोई संबंध नहीं है, तो विवादित परीक्षाओं को रद्द करने और मामले की सीबीआई जांच कराने में उसे परेशानी क्यों हो रही है।

उन्होंने सरकार से छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर संवेदनशीलता दिखाने और बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की। साथ ही नियुक्ति परीक्षाओं को लेकर उठ रहे सवालों को दूर करने के लिए पारदर्शी जांच कराने की मांग की।

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