नई दिल्ली, 11 अगस्त । देश में वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान प्रत्यक्ष कर संग्रह में तेज वृद्धि दर्ज की गई है। चालू वित्त वर्ष में 10 अगस्त तक शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह सालाना आधार पर 23.09 प्रतिशत बढ़कर 8.11 लाख करोड़ रुपये हो गया।
आयकर विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में शुद्ध कॉरपोरेट कर संग्रह 19.83 प्रतिशत बढ़कर करीब 2.70 लाख करोड़ रुपये रहा। वहीं, व्यक्तिगत आयकर समेत गैर-कॉरपोरेट कर संग्रह 23 प्रतिशत बढ़कर 5.07 लाख करोड़ रुपये हो गया।
एसटीटी से राजस्व 51% बढ़ा
आंकड़ों के मुताबिक, 1 अप्रैल से 10 अगस्त के बीच प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) से सरकार का राजस्व 51 प्रतिशत बढ़कर 33,824 करोड़ रुपये हो गया।
इसी अवधि में सरकार ने 1.43 लाख करोड़ रुपये के कर रिफंड जारी किए। यह राशि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में जारी रिफंड से 3.8 प्रतिशत अधिक है।
सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 9.55 लाख करोड़ रुपये
आयकर विभाग के मुताबिक 10 अगस्त तक सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह सालाना आधार पर 19.75 प्रतिशत बढ़कर करीब 9.55 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसमें कॉरपोरेट कर, व्यक्तिगत आयकर और एसटीटी से प्राप्त राजस्व शामिल है।
विभाग ने कहा कि चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 10 अगस्त तक सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह, रिफंड और शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह के आंकड़े जारी किए गए हैं।
सरकार ने रखा 26.97 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य
केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में प्रत्यक्ष करों से 26.97 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह वित्त वर्ष 2025-26 में जुटाए गए 23.40 लाख करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष कर राजस्व से करीब 15 प्रतिशत अधिक है।
चालू वित्त वर्ष के शुरुआती महीनों में प्रत्यक्ष कर संग्रह में दर्ज मजबूत वृद्धि को देखते हुए सरकार के बजटीय लक्ष्य की दिशा में प्रगति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।






