–दिवंगत नेताओं, शहीद जवानों और हादसों में जान गंवाने वालों को दी गई श्रद्धांजलि
रांची, 06 अगस्त: झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र गुरुवार को शोक प्रस्ताव के साथ शुरू हुआ। सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद विधानसभा सदस्यों ने पिछले सत्र के बाद दिवंगत हुए पूर्व मंत्रियों, पूर्व विधायकों, विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों और हादसों में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी।
सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की।
पूर्व मंत्रियों और नेताओं को दी गई श्रद्धांजलि
विधानसभा में पूर्व परिवहन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री और गोमिया के पूर्व विधायक माधव लाल सिंह, पूर्व पशुपालन मंत्री एवं धनबाद के पूर्व विधायक मन्नान मलिक, पूर्व विधायक बेनी प्रसाद गुप्ता और हरि राम, पूर्व खनन मंत्री लक्ष्मण राम तथा पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री मुकुल रॉय को याद किया गया।
इसके अलावा सदन ने डॉ. डीवाई पाटिल, पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी, प्रसिद्ध गायिका आशा भोसले, शायर बशीर बद्र, संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप, वरिष्ठ पत्रकार एचके दुआ, लोक कलाकार तीजन बाई, निशानेबाज जसपाल राणा, क्रिकेटर गोपीनाथ, खोरठा साहित्यकार सुरेश विश्वकर्मा और झारखंड आंदोलनकारी कृष्ण कुमार महतो एवं दामू बांड्रा को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
शहीद जवानों और हादसों में मृत लोगों को किया याद
सदन ने जम्मू-कश्मीर और मणिपुर में शहीद हुए जवानों को भी श्रद्धांजलि दी। इसके साथ ही उधमपुर सड़क हादसे, लखनऊ अग्निकांड, असम बाढ़ त्रासदी और नीट परीक्षा विवाद के बाद आत्महत्या करने वाले छात्र-छात्राओं को भी याद किया गया।
असम बाढ़ पीड़ितों को तीन करोड़ की सहायता
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान असम के बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए झारखंड सरकार की ओर से तीन करोड़ रुपये की सहायता राशि दिए जाने की जानकारी दी गई।
शोक प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मांडू विधायक निर्मल कुमार ने अपने क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं, हाथियों के हमले, वज्रपात और खदान धंसने की घटनाओं में हुई मौतों का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से इन घटनाओं में प्रभावित परिवारों को भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
मास्क पहनकर पहुंचे विपक्षी विधायक, सदन में दिखी सियासी हलचल
शोक प्रस्ताव के बाद सदन की कार्यवाही में कुछ देर राजनीतिक माहौल भी देखने को मिला। भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी, विधायक नवीन जायसवाल समेत कई विपक्षी सदस्य मास्क पहनकर विधानसभा पहुंचे।
इस पर सत्ता पक्ष की ओर से प्रतिक्रिया दी गई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी विपक्ष पर हल्का कटाक्ष किया, हालांकि उनकी पूरी टिप्पणी स्पष्ट रूप से नहीं सुनी जा सकी।






