—मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी
रांची, 04 अगस्त। झारखंड में एक बार फिर मानसून सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में 8 अगस्त तक अच्छी बारिश होने की संभावना जताई गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों के लिए भारी बारिश, आकाशीय बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान से किसानों में उत्साह बढ़ गया है। पर्याप्त बारिश होने पर धान की रोपाई में तेजी आने की उम्मीद है।
धान की रोपाई को मिलेगी रफ्तार
जुलाई में हुई अच्छी बारिश के कारण राज्य के अधिकांश किसानों ने धान के बिचड़े तैयार कर लिए हैं। अब यदि मौसम अनुकूल रहा तो खेतों में रोपाई का काम तेजी से शुरू हो सकता है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि पर्याप्त वर्षा जारी रहने पर अगस्त के अंत तक राज्य के ज्यादातर हिस्सों में धान की रोपाई पूरी होने की संभावना है।
कई जिलों में भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, 8 अगस्त तक राज्य के विभिन्न जिलों में कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका जताई गई है।
विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
गोड्डा में सबसे अधिक बारिश दर्ज
पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य में सबसे अधिक बारिश गोड्डा में 175.2 मिलीमीटर दर्ज की गई। वहीं, सबसे अधिक तापमान बहरागोड़ा में 35.5 डिग्री सेल्सियस और सबसे कम तापमान लातेहार में 21.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
रांची में उमस से परेशान रहे लोग
मंगलवार को रांची और आसपास के इलाकों में सुबह से बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं होने के कारण लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ा।
रांची में पिछले 24 घंटे के दौरान 95 प्रतिशत सापेक्ष आर्द्रता दर्ज की गई, जिससे मौसम काफी असहज बना रहा।
प्रमुख शहरों का तापमान
- रांची: अधिकतम 29.2°C, न्यूनतम 23.4°C
- जमशेदपुर: अधिकतम 35.3°C, न्यूनतम 26.2°C
- डाल्टनगंज: अधिकतम 32.6°C, न्यूनतम 26.3°C
- बोकारो: अधिकतम 33.2°C, न्यूनतम 26.5°C
- चाईबासा: अधिकतम 35°C, न्यूनतम 24.8°C
किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने किसानों समेत आम लोगों से ताजा मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखने की अपील की है। साथ ही बिजली गिरने और तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग का कहना है कि यदि पूर्वानुमान के अनुसार बारिश होती है तो इसका सबसे अधिक लाभ खरीफ फसलों, खासकर धान की खेती को मिलेगा और राज्य में कृषि गतिविधियों को नई गति मिलेगी।






