नई दिल्ली, 04 अगस्त। संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राजद समेत कई विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद भवन परिसर में प्रदर्शन किया। राम मंदिर चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मुद्दे को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार से जवाबदेही की मांग की और जमकर नारेबाजी की।
राम मंदिर चढ़ावे को लेकर विरोध प्रदर्शन
प्रदर्शन में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव, धर्मेंद्र यादव, अवधेश प्रसाद, राजद सांसद मनोज झा और संजय यादव समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए।
विपक्षी सांसदों ने हाथों में पोस्टर लेकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया। एक पोस्टर पर लिखा था, “भाजपा ने किया राम का अपमान, दान चोरी पर कब दोगे बयान”, जबकि अन्य पोस्टरों पर “चंदा चोर गद्दी छोड़” जैसे नारे लिखे गए थे। कांग्रेस सांसदों ने यह सवाल भी उठाया— “अमित शाह संसद से गायब क्यों?”
प्रतीकात्मक दानपात्र रखकर जताया विरोध
विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में प्रतीकात्मक रूप से एक दानपात्र भी रखा, जिसमें कई सांसदों ने विरोध स्वरूप चंदा डाला। इस दौरान “शेम-शेम” के नारे लगाए गए और सरकार से कथित गड़बड़ी पर जवाब देने की मांग की गई।
प्रियंका गांधी का भाजपा पर हमला
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने हालिया उपचुनाव परिणामों का जिक्र करते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश की जनता अब भाजपा से ऊब चुकी है और उपचुनाव के नतीजे इसकी झलक हैं।

इंडिया गठबंधन की बैठक में बनी रणनीति
इससे पहले संसद भवन में इंडिया गठबंधन के फ्लोर लीडर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, जयराम रमेश और रणदीप सिंह सुरजेवाला समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
बैठक में संसद के भीतर विपक्ष की रणनीति, विभिन्न मुद्दों पर आगे की कार्रवाई और सरकार को घेरने के तरीकों पर चर्चा की गई।






