बिहार में बनेगा स्वदेशी AI इकोसिस्टम, दो कंपनियों के साथ हुआ एमओयू

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पटना, 17 जुलाई। बिहार सरकार ने डिजिटल शासन व्यवस्था को मजबूत बनाने और राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित समाधान विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने सरवम डॉट एआई (एक्सोनवाइज प्राइवेट लिमिटेड) और भारत जीपीटी (को-रोवर प्राइवेट लिमिटेड) के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

डिजिटल बिहार की दिशा में बड़ा कदम

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि यह समझौता ‘डिजिटल बिहार’ और ‘विकसित बिहार’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में अहम पहल है। उन्होंने कहा कि बिहार की जरूरतों और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप स्वदेशी एआई मॉडल विकसित किए जाएंगे, जिससे शासन व्यवस्था अधिक प्रभावी, पारदर्शी, तेज और नागरिक-केंद्रित बन सकेगी।

सरकारी सेवाएं होंगी अधिक स्मार्ट

मुख्यमंत्री ने कहा कि एआई आधारित तकनीकों के माध्यम से सरकारी सेवाओं को सरल, त्वरित और पारदर्शी बनाया जाएगा। साथ ही विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली को आधुनिक तकनीक से जोड़कर सेवा वितरण की गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि युवाओं, शोधकर्ताओं और सरकारी कर्मियों के लिए बड़े पैमाने पर एआई कौशल विकास और क्षमता निर्माण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे।

स्टार्टअप और अनुसंधान को मिलेगा बढ़ावा

सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य में एआई आधारित स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए नवाचार, तकनीकी मार्गदर्शन और सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। इससे तकनीकी उद्यमों को प्रोत्साहन मिलेगा और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।

भारतीय भाषाओं में विकसित होंगे समाधान

एमओयू के तहत राज्य सरकार के विभिन्न विभागों को भारत में विकसित बुनियादी एआई मॉडल और एप्लिकेशन तक पहुंच उपलब्ध कराई जाएगी। इससे बिहार के शोधकर्ताओं को भारतीय भाषाओं और स्थानीय बोलियों में एआई आधारित अनुसंधान को आगे बढ़ाने में सुविधा मिलेगी। स्थानीय भाषाओं में स्थानीय समस्याओं के समाधान विकसित कर बिहार को एआई आधारित सुशासन के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।

अधिकारियों को मिलेगा प्रशिक्षण

समझौते के तहत सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। साथ ही राज्य में स्थानीय तकनीकी भागीदारों का मजबूत इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा, जिससे एआई आधारित अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी विकास को दीर्घकालिक आधार मिल सके।

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