जिंदल ग्रुप झारखंड में करेगा 70 हजार करोड़ रुपये का निवेश, स्टील और परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ेगा सहयोग

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नई दिल्ली/रांची। झारखंड सरकार द्वारा आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 के दूसरे दिन आयोजित बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) संवाद में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने देश-विदेश के प्रमुख उद्योग समूहों, वैश्विक निवेशकों और कॉर्पोरेट प्रतिनिधिमंडलों के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इस दौरान स्टील, परमाणु ऊर्जा, हरित ऊर्जा, पर्यटन, विनिर्माण, स्वास्थ्य, कौशल विकास और औद्योगिक अवसंरचना समेत विभिन्न क्षेत्रों में निवेश एवं सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।

जिंदल ग्रुप का 70 हजार करोड़ रुपये निवेश प्रस्ताव

बैठक के दौरान जिंदल ग्रुप ने झारखंड में 70 हजार करोड़ रुपये के निवेश की योजना प्रस्तुत की। समूह ने स्टील उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की प्रतिबद्धता जताई। सरकार ने इस निवेश को राज्य के औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।

सिंगापुर ने दीर्घकालिक साझेदारी में दिखाई रुचि

भारत में सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग वी कुएन के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के साथ दीर्घकालिक साझेदारी स्थापित करने में गहरी रुचि व्यक्त की।

बैठक में निवेश आकर्षित करने, विश्वस्तरीय स्किल सेंटर और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना, सिंगापुर के व्यावसायिक प्रशिक्षण मॉडल को अपनाने, उद्योग एवं कौशल मानचित्रण तथा स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा हुई।

प्रतिनिधिमंडल ने राज्य की औद्योगिक आवश्यकताओं और कार्यबल का व्यापक अध्ययन कर प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान तथा निवेश एवं क्षमता निर्माण के लिए लक्षित रोडमैप तैयार करने का भी प्रस्ताव रखा। मुख्यमंत्री ने इन सुझावों का स्वागत करते हुए भविष्य की साझेदारी के लिए कार्ययोजना तैयार करने का भरोसा दिया।

हरित ऊर्जा में निवेश को लेकर सीआईआई के सुझाव

भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड में सौर एवं पवन ऊर्जा, स्मार्ट मीटरिंग, ट्रांसमिशन अवसंरचना, ग्रिड आधुनिकीकरण, सोलर सेल एवं मॉड्यूल निर्माण तथा डिजिटल ऊर्जा प्रबंधन के क्षेत्र में निवेश संबंधी प्रस्ताव प्रस्तुत किए।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इन प्रस्तावों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार हरित ऊर्जा आधारित औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए उद्योग जगत के साथ निरंतर संवाद और सहयोग जारी रखेगी।

पर्यटन विकास पर फिक्की ने दिए सुझाव

फिक्की (FICCI) के प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड को प्रकृति पर्यटन, डेस्टिनेशन वेडिंग, स्पोर्ट्स टूरिज्म और एमआईसीई (मीटिंग, इंसेंटिव, कॉन्फ्रेंस एवं एग्जीबिशन) पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए कई सुझाव दिए।

प्रतिनिधिमंडल ने पर्यटन अवसंरचना के विकास, डेस्टिनेशन मैनेजमेंट, प्रशिक्षित स्थानीय पर्यटक गाइड, आतिथ्य क्षेत्र को मजबूत करने तथा बेहतर संपर्क व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन को रोजगार सृजन और आर्थिक विकास का मजबूत माध्यम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा इस दिशा में उद्योग जगत के साथ मिलकर कार्य किया जाएगा।

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