मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की बड़ी घोषणा: बिहार में 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनेंगे, आपराधिक मामलों का होगा त्वरित निपटारा

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गया: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को बोधगया में नए आपराधिक कानूनों—भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम—के एकीकृत कार्यान्वयन पर आयोजित दो दिवसीय राज्यस्तरीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने राज्य में आपराधिक मामलों के त्वरित निपटारे के लिए 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 14 करोड़ की आबादी वाले बिहार में समयबद्ध और प्रभावी न्याय उपलब्ध कराना न्यायपालिका, पुलिस और प्रशासन की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बिहार की पहचान हमेशा ‘न्याय के साथ विकास’ की रही है और नए आपराधिक कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन इस व्यवस्था को और मजबूत करेगा।

30 दिन में शिकायतों के निपटारे पर जोर

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार का ‘सहयोग कार्यक्रम’ आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रभावी साबित हो रहा है। इसके तहत प्राप्त आवेदनों का 30 दिनों के भीतर निपटारा किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम प्रत्येक माह के पहले और तीसरे मंगलवार को सभी प्रखंडों में आयोजित होता है। यदि किसी आवेदन का 30 दिनों में समाधान नहीं होता है, तो 31वें दिन संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।

न्याय व्यवस्था में तकनीक और एआई का बढ़ेगा उपयोग

सम्राट चौधरी ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का व्यापक उपयोग किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य के सभी थानों को सीसीटीवी, डिजिटल उपकरणों और वैज्ञानिक जांच प्रणाली से लैस किया जा रहा है। साथ ही फॉरेंसिक लैब, मोबाइल फॉरेंसिक वैन और वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन की व्यवस्था भी मजबूत की जा रही है।

112 सेवा की प्रतिक्रिया समय घटाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने बताया कि 112 आपातकालीन सेवा के माध्यम से पुलिस फिलहाल औसतन 10 मिनट में घटनास्थल पर पहुंच रही है। सरकार का लक्ष्य इस प्रतिक्रिया समय को घटाकर 7 से 8 मिनट करना है। उन्होंने महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए स्कूलों और कॉलेजों के आसपास विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने कहा कि स्पीडी ट्रायल, फास्ट ट्रैक कोर्ट और समयबद्ध न्याय व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार हर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएगी।

सम्मेलन को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची, पटना उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय, बिहार न्यायिक अकादमी के चेयरमैन न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, एडवोकेट जनरल सत्यदर्शी संजय, बिपार्ड के महानिदेशक डॉ. बी. राजेन्दर और गृह सचिव कुंदन कुमार ने भी संबोधित किया।

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